बायो बबल पर बवाल! कीवी खिलाड़ियों को छूट, भारतीय क्रिकेटर्स होटल तक सीमित

Virat and Ken Williamson
पुनः संशोधित बुधवार, 16 जून 2021 (12:51 IST)
साउथम्पटन: भारतीय टीम प्रबंधन ने साउथम्पटन के एजिस बॉल स्टेडियम में 18 जून से न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होने वाले आईसीसी फ़ाइनल के लिए मंगलवार को अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी लेकिन इसके साथ ही ने इस टेस्ट के लिए आईसीसी द्वारा लागू सख्त बायो बबल नियम पर सवाल उठाये हैं।

दरअसल न्यूज़ीलैंड की टीम के छह सदस्यों को नजदीक के गोल्फ कोर्स में जाने की अनुमति दे दी गयी जबकि भारतीय खिलाड़ी अपने परिवार के साथ होटल के अपने फ्लोर पर ही रुके हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, हेनरी निकोल्स, मिशेल सेंटनर, डेरिल मिशेल और फिजियो टॉय सिमसेक मंगलवार की सुबह गोल्फ कोर्स गए थे , भारतीय टीम प्रबंधन इसे लेकर आईसीसी को एक शिकायत देगा कि भारतीय टीम का महसूस करना है कि यह बायो बबल नियमों का एक उल्लंघन है ।
यह गोल्फ कोर्स एजिस बॉल के परिसर में ही स्थित है लेकिन भारतीय टीम का कहना है कि नियम दोनों टीमों के लिए एक समान होना चाहिए। एक भारतीय टीम सदस्य ने कहा,'खिलाड़ियों और उनके परिवारों से कहा गया है कि वे होटल में अपने सम्बंधित फ्लोर से बाहर न निकलें जब तक मैदान में न जाना हो लेकिन आज सुबह हमें पता चला कि छह कीवी खिलाड़ी गोल्फ कोर्स में खेलने गए थे। '

आईसीसी ने हालांकि कहा कि बायो बबल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है और अब भारतीय टीम ने अपनी क्वारंटीन अवधि पूरी कर ली है इसलिए वे अब बायो सुरक्षित बबल के आसपास ज्यादा आजादी से घूम फिर सकते हैं जिसमें गोल्फ खेलना भी शामिल है
न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम दो टेस्टों की सीरीज के लिए ईसीबी के बायो सुरक्षित वातावरण में थी और उसे सोमवार को आईसीसी वातावरण में शिफ्ट किया गया था।

इस बीच भारतीय टीम को 24 सदस्यों से कमकर 15 सदस्यों का किया गया है। जैसा न्यूज़ीलैंड टीम ने किया है, उसने अपने शेष खिलाड़ियों और उनके परिवारों को लंदन भेज दिया है।

भारतीय टीम से रिलीज किये गए खिलाड़ी लोकेश राहुल, मयंक अग्रवाल, अक्षर पटेल , वाशिंगटन सुन्दर, शार्दुल ठाकुर, अभिमन्यु ईश्वरन , प्रसिद्ध कृष्णा आवेश खान और अर्जन नागवसवाला है जिन्हें सलाह दी गयी है कि वे मैच को स्टैंड्स से देख सकते हैं और फ़ाइनल के दौरान खिलाड़ियों से नहीं जुड़ सकते।
गौरतलब है कि बायो बबल पर भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी काफी बवाल मचा था। टीम इंडिया ने अमानवीय व्यवहार की शिकायत की थी। नौबत यहां तक आ गई थी कि भारतीय टीम अंतिम टेस्ट में ब्रिस्बेन जाने के लिए तैयार नहीं थी और सिडनी में ही चौथे टेस्ट की मांग कर रही थी।(वार्ता)



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