एलेस्टर कुक ने खोली हार पर हार झेल रही इंग्लैंड ड्रेसिंग रूम की पोल

पुनः संशोधित मंगलवार, 5 अप्रैल 2022 (16:27 IST)
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लंदन:की टेस्ट कप्तानी को लेकर जारी गहन अटकलों के बीच के पूर्व कप्तान ने मौजूदा टेस्ट कप्तान की बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता की तारीफ की है। कुक ने कहा है कि वह रूट के इस रवैये से हैरान हैं, लेकिन इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में मौजूद अत्यधिक सकारात्मकता भ्रामक लग रही है।

रूट फिलहाल वेस्ट इंडीज के हाथों मिली टेस्ट सीरीज हार के बाद ब्रेक पर हैं। इंग्लैंड की टीम फरवरी 2021 से उनकी कप्तानी में खेले 17 टेस्ट मैचों में केवल एक ही मुकाबला जीत पाने में सफल रही है। दूसरी तरफ एसेक्स के साथ अपने 20वें काउंटी सत्र के लिए तैयार कुक यह अच्छी तरह जानते हैं कि इस वक़्त रूट कैसा महसूस कर रहे होंगे।

कुक ने 2014 में कप्तान के रूप में अपने मुश्किल दौर के दौरान, जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड की 5-0 से हार के बाद केविन पीटरसन को टीम से बाहर निकालने की मांग होने लगी थी, परिस्थितियों की तुलना मौजूदा स्थिति से की है। कुक ने स्वीकार किया है कि उस हंगामे के बीच उनका अपना टेस्ट फॉर्म खराब हो गया था, लेकिन रूट के अपने बल्लेबाजी के मानक अलग हैं।

कुक ने मंगलवार को इस बारे में कहा, “ हाल ही में समाप्त एशेज सीरीज के दौरान इंग्लैंड के बल्लेबाजों का बल्ला शांत रहा, लेकिन रूट इंग्लैंड के उन दो बल्लेबाजों में से एक रहे, जिनका औसत 30 से अधिक था। वह वेस्ट इंडीज में दो शतकों के साथ फॉर्म में लौटे, जिनकी बदौलत रूट ने 2021 की शुरुआत से लेकर अब तक 20 टेस्ट में आठ शतक लगाकर कुल 2066 रन बनाए हैं। ”

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, “ रूट ने जितने रन बनाए हैं, वह एक अविश्वसनीय प्रदर्शन है। मैं सच में 2014 में संघर्ष कर रहा था। रूट का मौजूदा परिस्थितियों को संभालने में सक्षम होना और इसे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर हावी न होने देना एक अच्छा संकेत है। वह इंग्लैंड के अब तक के सबसे शानदार बल्लेबाज हैं, लेकिन अगर कप्तानी की जिम्मेदारी उन्हें प्रभावित करने वाली होती तो यह पिछले आठ महीनों में उन्हें प्रभावित कर रही होती। ”

कुक ने कहा, “ 2021 में 1700 रन बनाना, जो दूसरे सर्वाधिक रन स्कोरर से 1200 रन अधिक हैं, यह हैरान करने वाली बात है, क्योंकि सामान्य रूप से ऐसा संभव नहीं होता, लेकिन ऐसे वक़्त में जब कई तरह की चीजें चल रही हैं, तब जिस तरह से उन्होंने रन बनाए और अकेले ही इंग्लैंड की बल्लेबाजी को आगे बढ़ाया, वह एक असाधारण प्रयास है। ”

कुक ने यह भी चेतावनी दी कि जिस वन मैन आर्मी स्वरूप प्रदर्शन ने रूट की आलोचना को रोकने और अपने रन-स्कोरिंग पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति दी है, कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल का आकलन करने पर यह दो धारी तलवार भी साबित हो सकता है।

पूर्व कप्तान ने संडे टाइम्स कॉलम में इंग्लैंड के डूबते जहाज को बचाने के लिए रूट के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा भी की थी, लेकिन साथ ही साथ कुक अपनी चिंता भी व्यक्त कर चुके हैं कि टीम के खिलाड़ी अपने कप्तान के विश्वास को सुनना बंद कर देंगे, जैसा कि ग्रेनेडा में टीम को 10 विकेट से मिली हार के बाद हुआ।

कुक ने कहा, “ मैं सकारात्मक बातचीत से थोड़ा ऊब गया हूं, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि यह उस चेंजिंग रूम में वास्तविकता की भावना थी। सारा शोर यह था, “ हमने एक कोना बदल दिया है और हमारा रवैया शानदार है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक कटाक्ष की तरह लग रहा था कि वहां उनका रवैया बहुत अच्छा नहीं था। ”

कुक ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) में स्थायी नियुक्तियां सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया है। उन्होंने मौजूदा हालात के मद्देनजर कहा, “ इंग्लैंड के मौजूदा एजेंडे पर असाधारण बाहरी परिस्थितियां हावी हैं और मौजूदा सेटअप में कुछ भी बदलाव होने के आसार कम ही हैं, जब तक कि बोर्ड में स्थायी नियुक्तियां नहीं की जातीं। ”

क्रिसमस से पहले इयन वॉटमोर के जाने और एशले जाइल्स और क्रिस सिल्वरवुड को एशेज के बाद बर्खास्त किए जाने पर कुक ने कहा, “ यह सोचने में अजीब है कि ईसीबी जैसे बड़े संस्थान को अब तक कोई अध्यक्ष, कोई क्रिकेट निदेशक और कोई कोच नहीं मिला है। इससे पता चलता है कि इस समय इंग्लिश क्रिकेट कहां है। जिस किसी को भी यह काम मिलता है उसके लिए यह एक अद्भुत चुनौती है कि वह इसकी मानसिकता को बदले, क्योंकि इंग्लिश क्रिकेट के काले दिन आ गए हैं। ” (वार्ता)



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