12 साल बाद हुआ था चयन, फिर भी किस्मत के कारण पेसर को नहीं मिला पहले टेस्ट में मौका
चटगांव: भारत के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट बांग्लादेश के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे क्योंकि वीजा कारणों से वह अभी तक यहां नहीं पहुंच पाए हैं।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार 31 वर्षीय उनादकट के वीजा दस्तावेज अभी तक तैयार नहीं हैं।सूत्रों ने कहा, उनादकट पहला टेस्ट मैच शुरू होने से पहले यहां नहीं पहुंच पाएंगे।यहां तक कि यदि वीजा से जुड़ा मसला सुलझ भी जाता है तब भी वह टेस्ट मैच शुरू होने के बाद ही यहां पहुंच पाएंगे।बांग्लादेश की सपाट पिच पर भारत को एक तेज बाएं हाथ के गेंदबाज की कमी खल सकती है।
बायें हाथ के अनुभवी तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को चोटिल मोहम्मद शमी की जगह बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था।उनादकट ने हाल में सौराष्ट्र को विजय हजारे ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।शमी हाथ में चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हो गए थे।इकतीस वर्ष के उनादकट ने अपना एकमात्र टेस्ट मैच 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेला था। इसके बाद उन्होंने भारत की तरफ से सात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे।
सौराष्ट्र के कप्तान उनादकट ने विजय हजारे ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लिए थे। उन्होंने 10 मैचों में 19 विकेट हासिल किए थे। उनादकट ने अभी तक 96 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 353 विकेट लिए हैं।भारतीय टीम अभी चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है। शमी के अलावा कप्तान रोहित शर्मा तथा तेज गेंदबाज कुलदीप सेन और दीपक चाहर भी चोटिल होने के कारण वनडे श्रृंखला से बाहर हो गए थे।
चोटिल शमी के कारण 12 साल बाद आया था टीम इंडिया में बुलावा2010 2022
— Wisden India (@WisdenIndia) December 10, 2022
Jayadev Unadkat has been recalled to replace the injured Mohammed Shami for the Test series against Bangladesh #JaydevUnadkat #MohammedShami #India #BANvsIND #Cricket pic.twitter.com/FmSVJEnvMm
बायें हाथ के अनुभवी तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को चोटिल मोहम्मद शमी की जगह बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था।उनादकट ने हाल में सौराष्ट्र को विजय हजारे ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।शमी हाथ में चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हो गए थे।इकतीस वर्ष के उनादकट ने अपना एकमात्र टेस्ट मैच 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेला था। इसके बाद उन्होंने भारत की तरफ से सात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे।
सौराष्ट्र के कप्तान उनादकट ने विजय हजारे ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लिए थे। उन्होंने 10 मैचों में 19 विकेट हासिल किए थे। उनादकट ने अभी तक 96 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 353 विकेट लिए हैं।भारतीय टीम अभी चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है। शमी के अलावा कप्तान रोहित शर्मा तथा तेज गेंदबाज कुलदीप सेन और दीपक चाहर भी चोटिल होने के कारण वनडे श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

