बड़े बदलाव की तैयारी में UGC, 4 साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे कर सकेंगे PHD

Last Updated: बुधवार, 4 सितम्बर 2019 (14:36 IST)
विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ग्रेजुएशन के पाठ्यक्रमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। खबरों के अनुसार ग्रेजुएशन की अवधि 3 साल की बजाय 4 करने पर विचार कर रहा है। 4 साल का ग्रेजुएशन का यह पाठ्यक्रम देश की सभी यूनिवर्सिटीज पर लागू होगा। 4 साल के ग्रेजुएशन करने के बाद छात्र सीधे पीएचडी (PHD) कर सकेंगे।
UGC देश की शिक्षा नीति में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी कर रहा है। इन बड़े बदलावों के लिए यूजीसी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस कमेटी ने कई सिफारिशें करते हुए इसकी रिपोर्ट UGC को सौंप दी है।
कोई छात्र अगर 4 साल के ग्रेजुएशन करने के बाद मास्‍टर डिग्री लेना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। वर्तमान व्यवस्था में बैचलर ऑफ टेक्‍नोलॉजी (Btech) और बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) जैसे कोर्स 4 साल के हैं। इन कोर्सों को करने के बाद पीएचडी (PHD) की जा सकती है।
यूजीसी सभी पहलुओं को अच्‍छी तरह समझने के बाद ही 4 साल के पाठ्‍यक्रम की योजना को लागू करना चाहता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नया पाठ्‍यक्रम कब से लागू होगा, लेकिन माना जा रहा है कि अगले साल से नई योजना लागू कर दी जाएगी।

 

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