Hanuman Chalisa
✕

बैंक ऋण पर ब्याज घटाए बैंक : उर्जित पटेल

Updated: बुधवार, 2 अगस्त 2017 (20:00 IST)
मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने आज नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा करते हुए कहा कि बैंकों ने दरों में पहले की गई कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को नहीं दिया है तथा वे ऋण पर ब्याज अभी भी घटा सकते हैं। ब्याज दर में लाभ हस्तांतरण के संबंध में आरबीआई ने एक अध्ययन समूह का भी गठन किया है।
 
आरबीआई ने जारी बयान में कहा कि अप्रैल 2016 में सीमांत लागत आधारित ऋण दर प्रणाली (एमसीएलआर) लागू करने के बाद से नीतिगत दरों में कटौती का बैंकों द्वारा दिया गया लाभ संतोषजनक नहीं रहा है, इसलिए रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों के लाभ के हस्तांतरण की दृष्टि से एमसीएलआर प्रणाली के अध्ययन के लिए एक आंतरिक अध्ययन समूह का गठन किया है। 
 
इसमें कहा गया है कि समूह बैंक के ऋण दर को सीधे बाजार आधारित मानदंड से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार करेगा। अध्ययन समूह इस साल 24 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। पटेल ने प्रश्न के उत्तर में कहा कि बैंकों ने नए ऋणों पर तो जनवरी 2015 से ब्याज दरों में की गई कटौती का ज्यादातर लाभ ग्राहकों को दिया है, लेकिन पुराने ऋणों पर ग्राहकों को पूरा लाभ नहीं मिला है। साथ ही आवास ऋण और वाहन ऋण जैसे प्रतिस्पर्द्धि सिगमेंट में ब्याज दरों में ज्यादा कटौती हुई है जबकि अन्य सिगमेंट में पूरा लाभ नहीं मिला है।
 
उन्होंने कहा कि बैंकों के पास अब भी ब्याज दर घटाने का विकल्प है, विशेषकर उन सैगमेंटों में जिनमें लाभ हस्तांतरण अब तक कम रहा है। बयान में कहा गया है कि एमसीएलआर लागू करने के बाद बैंकों की आधार दर में ज्यादा कमी नहीं आई है जो चिंता का विषय है। अधिकतर पुराने ऋण में ब्याज दर आधार दर के अनुरूप तय होती है। बयान के अनुसार आधार दर में कमी नहीं होने से वास्तविक अर्थव्यवस्था को नीतिगत दरों में कटौती का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब भी ज्यादातर सैगमेंट बैंकों की फ्लोटिंग ब्याज दर आधार दर से तय होती है। आरबीआई नीतिगत दरों में कटौती का लाभ हस्तांतरण आधार दर में भी होना सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार करेगा। (वार्ता) 

Show comments

ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा...राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे

CJP का चुनाव आयोग को 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- ज्ञानेश नहीं हटे तो जंतर-मंतर 2.0 होगा

एक खून माफ होता तो... VIP प्रमुख मुकेश सहनी का CEC ज्ञानेश कुमार पर बेहद विवादित बयान

समस्तीपुर में भी जमुई जैसा हादसा, फोटो लेने रुकी लड़की के साथ मनचलों ने की बदसलूकी

त्योहारी सीजन से पहले महंगाई से बड़ी राहत: सरकार ने घटाया खाद्य तेलों पर आयात शुल्क, सस्ते होंगे सोयाबीन-पाम और सूरजमुखी तेल

सभी देखें

देश की राजनीति में बढ़ता मध्यप्रदेश का दबदबा, भाजपा ने चार नेताओं को सौंपी बड़े राज्यों की कमान

सीएम डॉ. मोहन ने देखीं मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के कार्यक्रम की तैयारियां, कहा- सरकार का ये कदम क्रांतिकारी

ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा...राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे

सूदखोर महिला से परेशान युवक ने लगाई फांसी, कर्ज लिया और चुका दिया, फिर क्‍यों ले ली खुद की जान?

यमुना एक्सप्रेस-वे पर जलकर खाक हुई बस का 6 राज्यों से कनेक्शन, छतरपुर से चल रहा था बस ट्रैवल्स का दफ्तर

अगला लेख