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हिंडनबर्ग की चेतावनी, अडाणी के बाद अब किसकी बारी?

Hindenburg research
Hindenburg : अमेरिकी शॉर्ट सेलर एवं निवेश शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में दावा किया कि भारत में कुछ बड़ा होने वाला है। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि अडाणी के बाद अब किसकी बारी है।
 
हिंडनबर्ग ने अपनी पोस्ट में यह नहीं बताया कि क्या होने वाला है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च किसी भारतीय कंपनी के बारे में एक बार फिर बड़ा खुलासा करने वाला है।
 
गौरतलब है कि हिंडनबर्ग ने 2023 की शुरुआत में अडाणी समूह पर शेयरों के भाव में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। इसके बाद अडाणी ग्रुप के कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। अडाणी ग्रुप को डिंडनबर्ग के झटके से उबरने में 1 साल का समय लगा।
 
भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी ने जुलाई 2024 में हिंडनबर्ग रिसर्च को अडाणी समूह के शेयरों पर दांव लगाने में उल्लंघन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
 
अमेरिकी कंपनी ने इस नोटिस को बेतुका और पूर्व-निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति के लिए गढ़ा गया बताया। उसने कहा कि यह कि भारत में सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने और डराने का प्रयास है।
 
क्या थे हिंडनबर्ग के अडाणी पर आरोप : 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर कई आरोप लगाए गए थे। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी ग्रुप पर स्टॉक मैनिपुलेशन का आरोप लगाया था। अडाणी ग्रुप पर फर्म मनी लाउंड्रिंग और अकाउंटिंग फ्रॉड के भी आरोप लगाए गए।
 
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि अदाणी ग्रुप की 7 कंपनियों के शेयर में 85 फीसदी तक की तेजी आई यानी स्कॉय रॉकेट वैल्यूएशन हुआ है। फर्म ने दावा किया था कि अदाणी ग्रुप पर 2.20 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।
Edited by : Nrapendra Gupta   
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