आरआईएल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगी ओएनजीसी

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 29 जुलाई 2013 (17:40 IST)
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नई दिल्ली। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने इस समय की केजी-डी6 परियोजना में इस्तेमाल नहीं हो पा रही बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को किराए पर लेने की संभावना तलाशने के लिए एक समझौता किया है

सरकारी क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी ने उसी क्षेत्र (कृष्णा-गोदावरी बेसिन) में प्राप्त गैस के स्रोतों से यथाशीघ्र उत्पादन के इरादे से यह कदम उठाया है।

ओएनजीसी को केजी ब्लॉक के केजी-डीडब्ल्यूएन-98:2 में 9 स्थानों पर गैस मिली है। यह क्षेत्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 या केजी-डी6 ब्लॉक से सटा है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की इन क्षेत्रों को समीप के अन्य ब्लॉक में खोजे गए गैस क्षेत्र से जोड़ने की योजना है ताकि 2016-17 से उत्पादन शुरू हो सके।
गैस प्रसंस्करण तथा परिवहन की सुविधाएं अलग से खड़ी करने की बजाय ओएनजीसी रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 फील्ड में मौजूद गैस एकत्र करने के केंद्र तथा गैस को तट तक पहुंचाने की पाइप लाइनों की खाली क्षमता का उपयोग करना चाहती है। ये लाइनें काकीनाडा स्थित उसके प्रसंस्करण संयंत्र तक जाती हैं।

ओएनजीसी ने पूर्वी तट पर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के बुनियादी ढांचे के उपयोग की संभावना तलाशने के लिए आरआईएल के साथ सहमति पत्र पर दस्तखत किया है। दोनों कंपनियों ने अलग-अलग बयान में यह जानकारी दी है।
बयान के अनुसार सहमति पत्र का मकसद बुनियादी ढांचे के साझेदारी के तौर-तरीकों के साथ वाणिज्यिक शर्तों का निर्धारण करना है। ओएनजीसी का रिलायंस इंडस्ट्रीज के बुनियादी ढांचे के उपयोग का मकसद पूंजीगत व्यय में कटौती के साथ फील्ड विकास में तेजी लाना है। (भाषा)



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