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बच्चों की मनोरंजक कहानी : गुस्सा हुआ छू-मंतर

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 17 अप्रैल 2025 (16:51 IST)
एक छोटी सी लड़की थी, उसका नाम था परी, वो बात-बात पर गुस्सा होती थी। 
 
उसकी मां उसे हमेशा समझाती रहती कि 'परी बेटा, इतना गुस्सा करना अच्छी बात नहीं है, लेकिन फिर भी उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया। 
 
एक दिन परी अपना होमवर्क करने में व्यस्त थी। उसकी टेबल पर एक सुंदर-सा फूलों से सजा पॉट रखा था। तभी उसके छोटे भाई का हाथ उस पॉट से टकराया और गिरने पर उसके कई टुकड़े हो गए।
 
अब क्या, परी गुस्से से बौखला उठी। तभी वहां उसकी मां ने एक आईना लाकर उसके सामने रख दिया। अब गुस्से से भरी परी ने अपनी शक्ल आईने में देखी, जो कि गुस्से में बहुत ही बुरी लग रही थी। 
 
अपना ऐसा बिगड़ा चेहरा देखते ही परी का गुस्सा छू-मंतर हो गया। तब उसकी मां ने कहा, देखा परी! गुस्से में तुम्हारी शक्ल आईने में कितनी बुरी लगती है, क्योंकि आईना कभी झूठ नहीं बोलता। 
 
अब परी को पता चल गया था कि गुस्सा करना कितना बुरा होता है। तभी से उसने गुस्सा न करने का एक वादा अपने आप से किया।ALSO READ: बाल कहानी : बूढ़े आदमी का छिपा खजाना
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