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बाल गीत : सोनचिरैया...

Updated: गुरुवार, 14 जुलाई 2016 (15:25 IST)
छुपन-छिपैया खेला करती 
आंगन में मिल सोनचिरैया 


 


 
खिल-खिल करती हंसती-गाती 
लगती जैसे चांद-तरैया 
 
नाच दिखाती पायल बजती 
बोल गूंजते ता-ता थैया
 
फूल तोड़ती गजरा गुंथती 
खूब सजाती बाल चुटैया 
 
छोटा भइया चुटिया खींचे 
कभी न डांटे सोनचिरैया 
 
अम्मा बोले रोटी दे आ 
रम्भा रही है धौरी गैया
 
रोटी लेकर झटपट दौड़े 
हंसती रहती सोनचिरैया 
 
जल्दी खाना मुझको ला दे
हुकुम चलाता बड़कू भैया 
 
सबके मन से हरदम चलती
कुछ न कहती सोनचिरैया 
 
दादी की पूजा थाली ले
ठुमक भागती सोनचिरैया 
 
छोटे भइया को कैयां ले
चूमा करती सोनचिरैया
 
बड़ी भई ससुराल गई अब 
आंगन सूना सोनचिरैया 
 
अम्मा रोए याद सताए 
तुम खुश रहना सोनचिरैया। 
 
लेखक के बारे में
डॉ. सुधा गुप्ता 'अमृता'
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