थल सेना दिवस पर कविता : हर सैनिक को नमन
यहां थल सेना दिवस के अवसर पर एक हृदयस्पर्शी हिन्दी कविता प्रस्तुत है...
सीमा पर जो रात भर जागे,
हम चैन की नींद सो पाते हैं,
तिरंगे की आन बचाने को,
जो हंसकर प्राण लुटाते हैं।
बर्फ़ीली चोटियां हों चाहे,
या तपता रेगिस्तान हो,
हर हाल में जो डटे रहें,
वो भारत का जवान हो।
मां की ममता, बच्चों की हंसी,
सब पीछे छोड़ चले जाते हैं,
मातृभूमि की रक्षा खातिर,
हर दुख को चुपचाप निभाते हैं।
वर्दी नहीं, वो विश्वास है,
हर दिल में बसता सम्मान है,
हर सांस में देश बसा जिनके,
वो सैनिक भारत की शान है।
थल सेना दिवस पर नमन उन्हें,
जो देश की ढाल बन जाते हैं,
अपने आज को मिटाकर वो,
हम सबका कल बचाते हैं।
हर वीर जवान को सलाम — जय हिंद!