शनिवार, 30 मई 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
अहिल्याबाई होल्कर
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
अहिल्याबाई होल्कर
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
×
Close
लाइफ स्टाइल
नन्ही दुनिया
कविता
poem on budhdhee ke baal
Written By
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
सम्बंधित जानकारी
हिन्दी कविता : पिता, एक अनकहा संवाद
बाल कविता: मैं और मेरी दुनिया
बाल कविता : चंद्र ग्रहण
बाल गीत: गरम जलेबी
बाल गीत: बड़ी चकल्लस है
बाल गीत: बुढ्ढी के बाल
लेकर आया लल्लू लाल,
लाल लाल बुढ्ढी के बाल।
हरे गुलाबी पीले भी हैं।
स्वेत बैगनी नीले भी हैं।
सजे धजे बैठे डिब्बे में,
साफ और चमकीले भी हैं।
इतने सारे रंग सामने,
बच्चे देख हुए खुश हाल।
लाल लाल बुढ्ढी के बाल।
मुन्नी ने पीला खुलवाया।
छुन्नी को तो हरा सुहाया।
चुन्नू बोला नीला लूंगा।
राम गुलाबी पर ललचाया।
कल्लूजी ने लाल चबाया ,
ओंठ हो गए लाल गुलाल।
लाल लाल बुढ्ढी के बाल।
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है।)
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512)....
और पढ़ें
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
ये भी पढ़ें
कहानी : पुरानी नींव, नए मकान
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
जरुर पढ़ें
Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान
summer health care: आयुर्वेद में पेय का महत्व सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के वात, पित्त और कफ (त्रिदोष) के संतुलन और स्वास्थ्य सुधार में मदद करता है। यह शरीर की ताजगी, पाचन शक्ति, और ऊर्जा बढ़ाने के लिए उपयुक्त होता है। यहां हर दिन के लिए नाश्ता, दोपहर, शाम और रात के खान-पान के बारे में जानकारी दी गई हैं...
Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?
rohini nakshatra mein surya ka gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर के समय सुबह जल्दी उठकर सूर्य दर्शन और हल्का जल पीना शुभ होता है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026 के समय नौतपा के पहले 9 दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। यहां इसे ज्योतिषीय और पारंपरिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है।
Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां
nautapa me bachchon aur bujurgon ke liye vishesh savdhaniyan: नौतपा की भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता या Immunity और शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता वयस्कों की तुलना में कम होती है। यहां इन दोनों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश दिए गए हैं:
गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून
कुछ प्राणायाम ऐसे है जो सर्दी में गर्मी और गर्मी में ठंडक पहुँचाते हैं। शीतली, शीतकारी और चंद्रभेदी प्राणायाम से गर्मी के मौसम से निजात पाई जा सकती है। इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करके मन की शांति, शारीरिक शीतलता प्रदान करता है। शीतली प्रणायाम छायादार वृक्ष की तरह है। शीतली प्रणायाम छायादार वृक्ष की तरह है जो भरपूर ऑक्सिजन का निर्माण करते हैं।
शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए
Thymus Gland Immunity: आमतौर पर कई सालों से, डॉक्टर 'थाइमस' को बचपन का अंग मानते थे जो अधेड़ उम्र तक कमज़ोर पड़ जाता है। लेकिन, दो नए अध्ययनों से पता चलता है कि नजरअंदाज की जाने वाली ग्लैंड बड़ों भी में एक्टिव रहता है और लंबे समय तक सेहत और बीमारी से लड़ने में बड़ी भूमिका निभाता है।
वीडियो
और भी वीडियो देखें
नवीनतम
31 मई 1893 भारत के आत्मगौरव और स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा
Swami Vivekanandas foreign journey: भारत के इतिहास में कुछ तिथियां केवल कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, वे राष्ट्र की चेतना में अमिट स्मृति बन जाती हैं। 31 मई 1893 ऐसी ही एक तिथि है, जब भारतभूमि का एक युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद, साधारण गेरुआ वेशभूषा में विश्व मंच की ओर प्रस्थान कर रहा था।
World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर
Tobacco Addiction Awareness day: 'एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर।' विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) के लिए यह एक बहुत प्रभावशाली और प्रेरणादायक स्लोगन है। इसे पोस्टर, बैनर, रैली, भाषण और सोशल मीडिया कैप्शन में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाने से सेहम में होने वाले चमत्कारी बदलाव...
Ahilyabai Holkar Jayanti: रानी अहिल्याबाई की 301वीं जयंती, जानें इतिहास, प्रेरणादायी विचार और शुभकामनाएं
Ahilyabai Holkar Quotes: महान वीरांगना और कुशल शासक लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। आज के समय में भी रानी अहिल्याबाई होलकर का नाम न्याय, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनकी जयंती पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, रैलियां और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं।
Ahilyabai Holkar जयंती: नारी शक्ति, न्याय और सेवा का प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होलकर
Ahilyabai Holkar Birth Anniversary: रानी अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की एक महान, न्यायप्रिय और धर्मपरायण शासिका थीं। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। उन्होंने मालवा राज्य पर शासन करते हुए समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और जनकल्याण के अनेक कार्य किए।
सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर
हमारी सनातन संस्कृति में ऋषि-मुनियों ने जितने भी नियम बनाए, उनके पीछे केवल धार्मिक कारण नहीं थे, बल्कि गहरा विज्ञान छिपा था। आज पश्चिमी देश और मॉडर्न मेडिकल साइंस जिन चीज़ों को 'हॉलिस्टिक हीलिंग' या 'वेलनेस हैक्स' कहकर प्रमोट कर रहे हैं, वे हमारे घरों में सदियों से अपनाई जा रही हैं।