sundarkand
✕

बाल कविता : दीपू का घोड़ा

Updated: शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017 (15:38 IST)
कितना तेज दौड़ता-फिरता, यह दीपू का घोड़ा है, 
उड़ता जाता गिरता-पड़ता, यह दीपू का घोड़ा है। 
 
आटा लाता सब्जी लाता, दूध दही घी लाता है, 
वही एक है करता-धरता, यह दीपू का घोड़ा है।
 
आज लंच लेगा दिल्ली में, डिनर करेगा चेन्नई में, 
पहुंच रहा तेजी से उड़ता, यह दीपू का घोड़ा है। 
 
आसमान में गधे उड़ रहे, उल्लू भी डेरा डाले, 
बांहें चढ़ाकर उनसे लड़ता, यह दीपू का घोड़ा है।
 
कुत्ते कभी भौंकने लगते, सियार कभी चिल्लाते हैं,
एकसाथ दोनों से लड़ता, यह दीपू का घोड़ा है। 
 
सच्चाई रग-रग में है, ईमान कभी ना छोड़ा है, 
सूरज जैसा तेज दमकता, यह दीपू का घोड़ा है।
 
चोरी भ्रष्टाचार मिटे यह, बीड़ा अभी उठाया है,
कटा सियार कुत्तों का पत्ता, यह दीपू का घोड़ा है। 
 
चिल्लाने वाले चिल्लाते, खूब मचाया हो-हल्ला,
नहीं रोक पाए हैं रास्ता, यह दीपू का घोड़ा है।
 
हाथ बढ़ाकर निर्बल कमजोरों की, सेवा करता है,
दुखियों के हर दिन दुःख हरता, यह दीपू का घोड़ा है। 
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

अगला लेख