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नए साल पर कविता : खुशियों की बरसात हो...

Updated: शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016 (14:53 IST)
- शम्भूनाथ
 

 
यार तुम्हारी झोली में, खुशियों की बरसात हो
प्रेम पूर्वक दिन बीते और सुहानी रात हो
 
नए साल में ऐसा जीवन में प्रकाश हो 
प्रेम पूर्वक दिन बीते और सुहानी रात हो 
 
कर्म पथ पर चलते रहोगे बनता रहेगा काम
आत्म खुशी मिलती रहेगी बढ़ता रहेगा सम्मान 
 
चारों चरफ खुशियों का आलम, हंसता हुआ साम्राज्य हो 
प्रेम पूर्वक दिन बीते और सुहानी रात हो। 
 
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