Hanuman Chalisa

नन्ही कविता : बागड़

कृष्ण वल्लभ पौराणिक
बागड़ खेत किनारे लगती
औ' फसलों की रक्षा करती
 

 
 
खेजड़ की डाली-डाली से
खेत-खेत को घेरे रखती ...1
 
पशु अंदर जाने ना पाते
मानव की अवरोधक बनती
वर्षा के जल की मिट्टी को
रोक-रोक अपने में रखती ...2
 
बाग-बगीचों की बागड़ भी
कांटों के तारों में अटती
माली की कैंची चलने पर
एक हरी दीवार पनपती ...3
 
कोई अंदर आ ना पाते
सबको बाहर दूर भगाती
और बगीचे की सुंदरता
को यह अपने आप बढ़ाती ...4
 
बागड़ दीवारों की होती
भव्य भवन को घेरे रखती
जहां कटी होती दरवाजा
औ' सेवक से सजी दिखती ...5
Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

World Emoji Day 2026: विश्व इमोजी दिवस: कब और क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और रोचक तथ्य

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

London Trip: सड़कें संकरी, फुटपाथ चौड़े, फिर भी जाम नहीं लगता

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

ट्रंप समेत 13 टॉप लीडर ईरान की HIT लिस्ट में, जानिए कौन-कौन हैं वे नेता

अगला लेख