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होली कविता : होली में दादाजी आएंगे...

Updated: शुक्रवार, 3 मार्च 2017 (14:56 IST)
होली में दादाजी आएंगे,
लाएंगे पिचकारी। 
दादीजी ने अभी से ही, 
कर रखी है तैयारी।


 
मिष्ठान्न बहुत दादा लाएंगे, 
आएगा मुझको कपड़ा। 
दादीजी को साड़ी आएगी, 
चाचा करेंगे झगड़ा।
 
सुबह-शाम सीचेंगे दादा, 
अपनी ये फुलवारी। 
दादीजी ने अभी से ही, 
कर रखी है तैयारी।
 
पकवान बनेगा होली में घर पर, 
बुआ बुलाई जाएगी। 
पापा के संग मेरी मम्मी, 
दिल्ली से आ जाएगी।
 
रंग घोल के भर पिचकारी, 
मारूंगा बारी-बारी। 
दादीजी ने अभी से ही, 
कर रखी है तैयारी। 
लेखक के बारे में
शम्भू नाथ
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