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होली कविता : रंग गुलाल का पर्व

Updated: शनिवार, 11 मार्च 2017 (13:06 IST)
- रूपल घनघोरिया 
 

 
चलो मनाएं आज हम होली,
सबको दिखाएं रंगों की बोली।
 
गली-गली में बच्चे आते,
सबको रंग-गुलाल लगाते।
 
होली हमें बहुत हरषाती,
सबके लिए खुशी है लाती। 
 
सबका है एक ही नारा,
होली पर्व है सबका प्यारा। 

होली विशेष : होली की 2 कविताएं...

होली बाल गीत : बिटिया रानी
साभार- देवपुत्र 
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