dharma sangrah

भाई दिवस पर मजेदार कविता: चल मेरे भाई...

Updated: मंगलवार, 24 मई 2022 (12:13 IST)
- विजय शर्मा
 
चल मेरे भाई, मेरे साथ,
तुझको खिलाऊं दाल और भात।
मिला के उसमें चटनी न्यारी
तुझको जो लगती है प्यारी।
 
चल मेरे भाई, मेरे साथ,
तुझको खिलाऊं दाल और भात।
 
आज का दिन है बड़ा सुहाना,
गाएंगे कोई गीत पुराना।
मिला हम-तुम सुर और ताल
बजाएंगे हम-तुम खरताल।
 
 
चल मेरे भाई, मेरे साथ,
तुझको खिलाऊं दाल और भात।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

अगला लेख