बाल गीत : चींटी की चिट्ठी

chinti-hathi-poem

चींटी के घर चिट्ठी आई,
हाथी से पढ़वाई।
पापाजी बीमार बहुत हैं,
सुनकर वह घबराई।

गई गांव तो पापाजी को,
हंसते-गाते पाया।
गलत सूचना थी हाथी की,
उस पर गुस्सा आया।

अब जब भी हाथी मिलता है,
चींटी चिल्लाती है।
अभी सूंड में घुसती तेरी,
कहकर धमकाती है।




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