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हनुमान जयंती विशेष : आज बन रहा है शिव के 11वें रूद्र अवतार जैसा दुर्लभ संयोग...

कु. सीता शर्मा
*  हनुमान जन्मोत्सव पर अति दुर्लभ व अंकीय गणना का शुभ संयोग... 
 
 
इस वर्ष 11 अप्रैल 2017, मंगलवार के दिन आई हनुमान जयंती पर त्रैतायुग जैसा अति दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के आधार पर मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व पूर्णिमा का ही दिन बन रहा है। साथ में गजकेसरी योग व अमृत योग भी बन रहा है और अंकीय गणना के आधार पर शिव के 11वें रूद्र अवतार के रूप में 11 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव बन रहा है। 
 
इसलिए इस दिन हनुमानजी की विशेष कृपा पाने हेतु पूजन-अर्चन का महत्व अधिक बन गया है और साथ में जिन जातकों को यदि शनि की साढे़साती या अढैया चल रही है या शनि की महादशा या अंतरर्दशा का भोग काल चल रहा है, उन्हें उज्जैन में स्थित स्वयं भू 84 महादेव के अंतर्गत 79वें नंबर पर आने वाले श्री हनुमन्तकेश्वर महादेव का सिन्दूर एवं चमेली के तेल व इत्र से अभिषेक करें तो शनि की साढे़साती में कृपा प्राप्त होगी और साथ में जिन जातकों को यदि मंगल दोष बन रहा है तो वे किसी भी शिव मंदिर पर जाकर ताम्र पात्र में घी रखकर दान करें। 
 
हनुमान जी की जन्म कथा, कौन है हनुमान जी के माता-पिता
 
इस दिन यदि मंगल दोष के लिए 43वें नंबर पर स्वयं भू श्री अंगारेश्वर महादेव पर भात पूजन करने से मंगल दोष का निवारण होगा, क्योंकि चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल है और आज मंगलवार होने से व साथ में चित्रा नक्षत्र पड़ने से मंगल की शांति का भी विधान विशेष फलदायी होगा। 
 
जो जातक उज्जैन से बाहर निवास करते हैं, उन्हें हनुमानजी की विशेष कृपा पाने के लिए व शनि की साढे़साती की शांति के लिए हनुमान मंदिर में हनुमानजी को चोले का सामान चढ़ाएं और चांदी की बनी हुई आंख को हनुमानजी को लगाएं तो विशेष लाभदायी रहेगा। साथ ही मंदिर में ही 3, 5, 7 या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें, प्रसाद चढ़ाएं व अपने पूर्व जन्म के किए गए पापों के लिए हनुमानजी से क्षमा मांगे। 

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