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हनुमान जयंती पर पवनपुत्र को प्रसन्न करते हैं यह दो प्रसाद

Updated: रविवार, 9 अप्रैल 2017 (13:40 IST)
11 अप्रैल 2017 मंगलवार के दिन हनुमान जयंती है। परमवीर हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में हनुमान जयंती पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। महावीर हनुमान को सबसे शक्तिशाली देवता के रूप में पूजा जाता है। बजरंगबली अमर और चिरंजीवी है। इनकी भक्ति करने से मनुष्य को शक्ति, बुद्धि और आरोग्य प्राप्त होता है।
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चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। हनुमान जी का जन्म सुबह 4 बजे मां अंजना की कोख से हुआ। वे भगवान शिव के 11वें अवतार हैं, जो वानरदेव के रूप में इस धरती पर रामभक्ति और राम कार्य सिद्ध करने के लिए अवतरित हुए। हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। हनुमानजी की मूर्तियों पर सिन्दूर और चांदी का वर्क चढ़ाया जाता है।
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हनुमान जयंती के दिन शाम के समय दक्षिणमुखी हनुमान मूर्ति के सामने शुद्ध होकर हनुमानजी के चमत्कारिक मंत्रों का जाप किया जाए तो यह बहुत फलदायी होता है। 
 
इस दिन मनोकामना पूर्ति के लिए हनुमान जी को पान का बीड़ा जरूर चढ़ाना चाहिए। दूसरे इमरती के भोग से भी संकटमोचन अत्यंत प्रसन्न होते हैं। 

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