dharma sangrah

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : ध्यान रखें इन 7 बातों का

Updated: सोमवार, 14 अगस्त 2017 (15:46 IST)
इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शुभ पर्व 14 से लेकर 16 अगस्त तक मनाया जा रहा है। अधिकांश विद्वान 14 अगस्त को उचित तिथि मान रहे हैं। इस दिन शाम 7.40 से अष्टमी तिथि लग जाएगी जो अगले दिन 15 अगस्त की आधी रात तक रहेगी। लेकिन रोहिणी नक्षत्र 16 अगस्त को आ रहा है इसलिए रामानुज संप्रदाय 16 को पर्व मनाने जा रहा है। यहां प्रस्तुत है व्रत धारण करने और पूजन करने के 7 सरल नियम.... 

ALSO READ: भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र जन्म कथा
 
*  जन्माष्टमी के दिन अपने पापों के शमन व अभीष्ट कामना सिद्धि का संकल्प लेकर व्रत धारण करना चाहिए। 
 
*  इस दिन प्रातःकाल तिल को जल में मिला कर स्नान करने का शास्त्रों में उल्लेख किया गया है। 
 
*   स्नान के बाद शुभ्र वस्त्र धारण कर भगवान कृष्ण का ध्यान कर षोडशोपचार अर्थात शास्त्रों में उल्लेखित 16 विधियों से भगवान का पूजन-अर्चन करना श्रेयस्कर होता है। 

ALSO READ: सभी व्रतों में सर्वोत्तम है जन्माष्टमी, जानिए महत्व और मुहूर्त
 
*  इस दिन निराहार व्रत कर कृष्ण के नाम का जप करना चाहिए। 
 
  रात्रि में भगवान के जन्म के समय शंख, घंटा, मृदंग व अन्य वाद्य बजाकर भगवान का जन्मोत्सव मनाना चाहिए। 
 
*  जन्म के बाद उन्हें धनिया-शकर की पंजीरी, मक्खन व खीर का भोग लगाना चाहिए। 
 
*  व्रत के दूसरे दिन व्रत का पारण कर मंदिरों में ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र, रजत, स्वर्ण व मुद्रा दान करना चाहिए।
 
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 अगस्‍त 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि की बदली चाल, जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

Guru Gochar 2026: अश्लेषा नक्षत्र में गुरु का गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Mangla Gauri Vrat 2026: तीसरा मंगला गौरी व्रत 2026: जानिए पूजन का महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि

Guru Gochar 2026: गुरु का बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव

अगला लेख