Daily Horoscope

विशेष है इस वर्ष की जन्माष्टमी, जानिए क्यों?

Updated: सोमवार, 22 अगस्त 2016 (11:51 IST)
वर्ष, माह, पक्ष, तिथि और रात्रि का मध्यमान होता है भाद्र कृष्ण पक्ष। अष्टमी विशेष की महारात्रियां पूर्ण तिथियों में ही आती हैं। उपरोक्त समय के मध्यमान का महत्व बताने में और श्री कृष्ण का मूल महत्व बताने के लिए कृष्ण जन्म भाद्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रात्रि अभिजीत योग में हुआ।
जन्माष्टमी को तंत्र की 4 महारात्रियों में से 1 माना गया है। इन्हीं शुभ योगों में होने के कारण इस वर्ष की जन्माष्टमी भी अति शुभ एवं सिद्धिदायक होगी। यह ऐसे योग हैं जिसमें जन्म लेने के कारण श्रीकृष्ण ने सभी राक्षसों एवं कामदेव का रासलीला में अहंकार तोड़ा।

विशेष रूप से इस रात्रि को शनि, राहु, केतु, भूत, प्रेत, वशीकरण, सम्मोहन, भक्ति और प्रेम के प्रयोग एवं उपाय करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। मुहूर्त हेतु रात्रि अभिजीत मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा। विशेष ज्योतिषीय जानकारी प्राप्त कर अनुष्ठान वैदिक विद्वान पंडित से करवाने चाहिए।


लेखक के बारे में
पं. सोमेश्वर जोशी
ज्योतिर्विद.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख