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प्रभु श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में हो रहे हैं शामिल तो रखें ये सावधानियां

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 3 जुलाई 2024 (12:03 IST)
Jagannath Rath Yatra 2024: 7 जुलाई से 17 जुलाई 2024 तक ओड़िसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की यात्रा का आयोजन होगा। इस यात्रा में देश विदेश के लाखों लोग शामिल होंगे अभी से ही होटलें, आश्रम और धर्मशालाएं बुक हो चली है। ट्रेनें भी बुक हो चली है। इसके बावजूद आप इस समय पुरी में हैं या वहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो जानिए कि क्या क्या सावधानियां रखना जरूरी हैं।ALSO READ: jagannatha rathayatra: जगन्नाथ रथयात्रा पर जानिए प्रारंभ से लेकर अंत तक की परंपरा और रस्म
 
1. यदि आप उड़ीसा से बाहर रहते हैं तो आपको अभी से वहां पर ठहरने का इंतजाम करना होगा। अन्यथा आप परेशान हो जाएंगे क्योंकि वहां पर रहने के सीमित साधन है। आपको पुरी के बाहर में कहीं ठहने का स्थान मिलता है तो उसे हायर कर सकते हैं। 
 
2. जगन्नाथ पुरी में मंदिर के सामने ही समुद्र है। यह समय समुद्र में हाई टाइड का होता है। ऐसे में समुद्र के तटों पर आपको सावधानी रखने की जरूरत है। वहां पर स्थित तट रक्षकों की गाइड लाइन को फॉलो करें।
 
3. रथ यात्रा के दौरान बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप यदि अपने परिवार के साथ जा रहे हैं तो सुरक्षा का भी ध्यान रखें। भगदड़ मचने से आप खतरे में पड़ सकते हैं इसलिए यह ध्यान रखें कि घबराहट को छोड़कर सबसे पहले साइड में हो जाएं और आराम से किसी सुरक्षित स्थान की तलाश करें।ALSO READ: Jagannath Rath Yatra 2024 : जगन्नाथ रथ यात्रा पर जाने के लिए करें ये तैयारी
 
4. बच्चों के साथ जा रहे हैं तो हमारी सलाह है कि आप रथ यात्रा के दर्शन दूर से ही करें बाद में मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन जरूर करें।
 
5. पूरी में आप पहले दिन जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करें और रथयात्रा का आनंद लें। दूसरे दिन गुंडिचा मंदिर जा सकते हैं। तीसरे दिन समुद्र का आनंद ले सकते हैं। तीन दिन का खर्च कम से कम 4 से 5 हजार का आ सकता हैं।
 
6. जगन्नाथ मंदिर दर्शन, चिलका वन्यजीव अभयारण्य, अथरनाला ब्रिज, पुरी का गुंडिचा मंदिर और समुद्री तट पर आप जा सकते हैं। यदि आप पुरी से कुछ किलोमीटर दूर कोणार्क मंदिर को देखने का प्लान भी कर रहे हैं तो 1 दिन और आपको रुकना होगा।
 
7. मंदिर के प्रांगण और मंदिर के अंदर पूर्ण शांति बनाए रखें। भेदभाव न और उपद्रव न करें। 
 
8. मंदिर में देव दर्शन के दौरान शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
 
9. मांसाहारी भोजन न करें। पका हुआ भोजन साथ रखें।
 
10. भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें।
 
11. पानी बर्बाद न करें।
 
12. मंदिर परिसर में थूकें, पेशाब करें या शौच न करें।
 
13. मंदिर परिसर में और उसके आस-पास जूते और चमड़े की वस्तुएं न रखें।
 
14. मंदिर में दर्शन के समय छाता, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, चमड़े की वस्तुएं आदि साथ न रखें।
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