सम्बंधित जानकारी
- हार्मुज संकट के बीच ट्रंप को बड़ा झटका, US नेवी के सेक्रेटरी जॉन फेलन का इस्तीफा
- ईरान ने होर्मुज में भारत जा रहे 2 जहाजों को क्यों रोका, IRGC का आया बयान, क्या फिर बढ़ने वाला है तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट में तनाव: सीजफायर के एलान के बावजूद ईरान ने जहाज पर की फायरिंग
- डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान: ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाया, नाकेबंदी बरकरार
- स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में चरम पर तनाव, ईरानी जहाज पर अमेरिका का हमला, फ्रांस के जहाज पर वॉर्निंग फायरिंग
IRGC की नई चेतावनी: क्या मध्य पूर्व का इंटरनेट खतरे में है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। इस युद्ध विराम की घोषणा के बाद भी मिडिल ईस्ट में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नीचे बिछे अंडरसी इंटरनेट केबल पर खतरे की चेतावनी दी।
आईआरजीसी से जुड़े तसनीम न्यूज ने फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल और क्लाउड सिस्टम का विस्तार से नक्शा दिखाया है। रिपोर्ट में तेल-गैस के साथ साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज इंटरनेट केबलों के लिए भी एक जरूरी मार्ग बताया गया है। ये केबल यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों को इंटरनेट से जोड़ते हैं।
इसे एक छिपी हुई चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि अब उस नक्शे में मौजूद इलाके का पूरा डिजिटल नेटवर्क ईरान के निशाने पर हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद अंडरसी डेटा केबल काफी संवेदनशील हैं और इनमें किसी भी तरह की रुकावट पूरे इलाके की इंटरनेट सेवा पर बड़ा असर डाल सकती है। इस वजह से खाड़ी देशों की कनेक्टिविटी पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचा तो पूरे मध्य पूर्व में बड़े स्तर पर इंटरनेट आउटेज हो सकता है। इससे फाइनेंशियल नेटवर्क, बिजनेस और सरकारों पर गहरा असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही साफ कर चुका है कि हार्मुज पर उसकी नाकेबांदी जारी रहेगी। इसके बाद ईरान ने हार्मुज में 2 जहाओं को अपने कब्जे में लिया है।
edited by : Nrapendra Gupta
