90 मिनट नेट्स पर बहाया पसीना तब जाकर कोहली के बल्ले से निकली 54 गेंद में 73 रनों की पारी
मुम्बई:अपनी शानदार मैच विजयी पारी से आईपीएल के इस सत्र में पहली बार प्लेयर ऑफ द मैच बने विराट कोहली ने कहा कि बहुत इमोशंस थे लेकिन मैं बस चलना चाहता था।विराट ने बेंगलुरु के गुजरात को कल आठ विकेट से हराने के बाद कहा,''यह मैच हमारे लिए अहम था।
एक कार्यक्रम में बात करते हुए मैंने जतिन और भज्जू पा से कहा था कि मैंने टीम के लिए कुछ नहीं किया बस यही मुझे चुभ रहा था, मैं खुश हूं कि मैं ऐसा कर पाया अपनी टीम को दो अंक दिला पाया। आपको बस परस्पेक्टिव सही रखना होता है, आपसे उम्मीदें होती है क्योंकि इतने सालों तक आपने किया है। आपको बस मेहनत करते रहना होता है कौशल पर चलते रहना होता है।''
मैं जीवन के उस पड़ाव में हूं जहां फ़ील्ड पर उत्साह या निराशा नहीं ढूंढता : कोहली
आईपीएल में खराब दौर से गुजर रहे पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि वह अपने जीवन के 'सबसे सुखास्पद पड़ाव' में हैं और फ़ील्ड पर क्या होता है उसमें वह 'उत्साह या निराशा' नहीं ढूंढते। साथ ही उन्होंने कहा है कि आईपीएल में लगभग नौ सीज़न बाद सिर्फ़ एक खिलाड़ी के रूप में खेलते हुए भी वह एक ज़िम्मेदार सीनियर खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं और कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसी को सुझाव देने से नहीं कतराते हैं।
स्टार स्पोर्ट्स पर 'इनसाइड आरसीबी' कार्यक्रम पर कोहली ने कप्तानी त्यागने के बाद खेलने के बारे में कहा, 'सच कहूं तो यह थोड़ा अलग है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह कठिन है क्योंकि आप लगातार प्रक्रिया में योगदान देते रहते हैं। सौभाग्य से फ़ाफ़ और मुझमें दोस्ती हमेशा अच्छी रही है। टीम में एक नेतृत्व समूह है जिसमें हम सब अपने सुझाव देते हैं। मैदान पर भी जब फ़ाफ़ आउटफ़ील्ड में होते हैं तो उन्होंने मुझे कोण और खिलाड़ियों के स्थान में छोटे-मोटे परिवर्तन करने की छूट दे रखी है। ऐसा मैं एमएस (धोनी) के साथ खेलते हुए भी किया करता था। एक ज़िम्मेदार सीनियर खिलाड़ी के तौर पर खेल में अधिक योगदान देने और कप्तान को सुझाव देने में मुझे बहुत मज़ा आता रहा है और यहां भी ऐसा ही है।'
कोहली ने आईपीएल 2022 के 14 मैचों में केवल 309 रन बनाए हैं और सीज़न के बीच ओपनर के रूप में खेलते हुए भी उनके प्रदर्शन में ख़ासा फ़र्क नहीं पड़ा है। वह कुल छह बार 10 से कम के स्कोर पर आउट हुए हैं और इसमें तीन गोल्डन डक शामिल हैं जहां गेंदबाज़ो ने उन्हें उनकी पारी की पहली गेंद पर पवेलियन भेज दिया है।
एक कार्यक्रम में बात करते हुए मैंने जतिन और भज्जू पा से कहा था कि मैंने टीम के लिए कुछ नहीं किया बस यही मुझे चुभ रहा था, मैं खुश हूं कि मैं ऐसा कर पाया अपनी टीम को दो अंक दिला पाया। आपको बस परस्पेक्टिव सही रखना होता है, आपसे उम्मीदें होती है क्योंकि इतने सालों तक आपने किया है। आपको बस मेहनत करते रहना होता है कौशल पर चलते रहना होता है।''
विराट ने कहा,''कल मैंने 90 मिनट तक नेट पर बिताए, मैं हर गेंद पर क्लीयरिटी चाहता था। मैं आज रिलेक्स था हर गेंद को खेलते हुए, सोच नहीं रहा था कि अब तक क्या हुआ है। मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है, ऐसा मेरे साथ 2014 में हुआ था, मैं शिकायत नहीं कर सकता हूं। मैं कभी टीम से बाहर हुआ तो कहीं मैंने टीम को मैच जिताए। मैं बस सिर नीचे करके अपनी टीम के लिए प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैंने जब सबसे पहली बॉल शमी की खेली तो मुझे लगा कि आज है कुछ बात, मैं लेंथ बॉल खेल सकता हूं। पहले ही शॉट से मुझे पता था कि आज मुझे अपने शॉट को बैक करना होगा। इस पूरे आईपीएल, इस पूरे समय मुझे कोई शिकायत या पछतावा नहीं है। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे ऐसे प्रशंसक मिले हैं।''RCB v GT | Man of the Match | Virat Kohli
— Royal Challengers Bangalore (@RCBTweets) May 20, 2022
Virat Kohli gives his thoughts after leading RCB to a crucial win with a brilliant knock of 73(54) against GT. #PlayBold #WeAreChallengers #IPL2022 #Mission2022 #RCB #RCB pic.twitter.com/icR2JEAg8o
मैं जीवन के उस पड़ाव में हूं जहां फ़ील्ड पर उत्साह या निराशा नहीं ढूंढता : कोहली
आईपीएल में खराब दौर से गुजर रहे पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि वह अपने जीवन के 'सबसे सुखास्पद पड़ाव' में हैं और फ़ील्ड पर क्या होता है उसमें वह 'उत्साह या निराशा' नहीं ढूंढते। साथ ही उन्होंने कहा है कि आईपीएल में लगभग नौ सीज़न बाद सिर्फ़ एक खिलाड़ी के रूप में खेलते हुए भी वह एक ज़िम्मेदार सीनियर खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं और कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसी को सुझाव देने से नहीं कतराते हैं।
स्टार स्पोर्ट्स पर 'इनसाइड आरसीबी' कार्यक्रम पर कोहली ने कप्तानी त्यागने के बाद खेलने के बारे में कहा, 'सच कहूं तो यह थोड़ा अलग है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह कठिन है क्योंकि आप लगातार प्रक्रिया में योगदान देते रहते हैं। सौभाग्य से फ़ाफ़ और मुझमें दोस्ती हमेशा अच्छी रही है। टीम में एक नेतृत्व समूह है जिसमें हम सब अपने सुझाव देते हैं। मैदान पर भी जब फ़ाफ़ आउटफ़ील्ड में होते हैं तो उन्होंने मुझे कोण और खिलाड़ियों के स्थान में छोटे-मोटे परिवर्तन करने की छूट दे रखी है। ऐसा मैं एमएस (धोनी) के साथ खेलते हुए भी किया करता था। एक ज़िम्मेदार सीनियर खिलाड़ी के तौर पर खेल में अधिक योगदान देने और कप्तान को सुझाव देने में मुझे बहुत मज़ा आता रहा है और यहां भी ऐसा ही है।'
केवल 2 अर्धशतक लगाने के बावजूद कोहली ने इस पड़ाव पर एक दार्शनिक दृष्टिकोण दिखाते हुए कहा, 'भले ही यह अनुभव हो या इससे पहले घटे अनुभव, मैं उनकी वजह से ख़ुद को ज़्यादा मूल्यवान मानता हूं। मैं वास्तव में अपने जीवन के सबसे सुखास्पद पड़ाव पर हूं और मुझे मैदान पर घट रही चीज़ों में कोई मोल या आत्म मूल्य नहीं दिखाई देता। इसका मतलब यह नहीं कि मुझमें सफल होने की भूख़ नहीं रही। जिस दिन वह भूख़ चली जाएगी मैं यह गेम छोड़ दूंगा। मैं केवल अपने जीवन के सबसे संतुलित जगह पर हूं जहां मैदान पर घटनाओं से मैं उत्साहित या निराश नहीं होता। तो यह (ख़राब फ़ॉर्म की चर्चा) मेरे बारे में नहीं है बल्कि मैं इस बात से दुखी हूं कि मैंने अपनी टीम के लिए उतना योगदान नहीं दिया है जितना मैं देना चाहता हूं या जितने में मुझे गर्व हो।'(वार्ता).@RCBTweets captain @faf1307 & @imVkohli share the microphone duties at Wankhede for an https://t.co/sdVARQFuiM special. By - @28anand
— IndianPremierLeague (@IPL) May 20, 2022
P.S - @mipaltan, you know who's backing you against #DC
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