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जडेजा ने छोड़ी कप्तानी, धोनी के हाथ में फिर आई चेन्नई सुपरकिंग्स की कमान

Mahendra Singh Dhoni
इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में आठ में से छह मैच गंवाने के बाद रविंद्र जडेजा ने शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स टीम की कप्तानी छोड़ दी और अब बचे हुए मैचों में महेंद्र सिंह धोनी ही कमान संभालेंगे।

सीएसके ने एक बयान में कहा ,‘‘ रविंद्र जडेजा ने कप्तानी छोड़कर अपने खेल पर ध्यान देने का फैसला किया है । उन्होंने एम एस धोनी से टीम की कप्तानी का आग्रह किया है। धोनी ने वृहद हितों को देखते हुए इस अनुरोध का मान लिया है ताकि जडेजा अपने खेल पर फोकस कर सकें।’’

रास नहीं आई जड़ेजा को कप्तानी, खेल में भी दिखा असर

रविंद्र जडेजा को इस सत्र के लिए सर्वाधिक 16 करोड़ में रिटेन किया गया था। जड़ेजा ने गेंद से कमाल दिखाते हुए आईपीएल 2021 में 13 विकेट चटकाए थे वहीं बल्ले से 227 रन बनाए थे। यही कारण था कि उनको कप्तानी भी मिली।

हालांकि बतौर कप्तान उनके लिए यह सीजन अच्छा नहीं गया और गत विजेता टीम को पहले 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा टीम अंक तालिका में सिर्फ 8 मैच हारने वाली मुंबई से ही ऊपर है और टूर्नामेंट से बाहर होने से सिर्फ 2 हार दूर खड़ी है।

बतौर ऑलराउंडर भी जड़ेजा का प्रदर्शन प्रभावी नहीं है। 8 मैचों में वह 22 की औसत और 121 की स्ट्राइक रेट से 112 रन बना चुके हैं। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। इसके अलावा गेंदबाजी में उन्होंने 26 ओवरों में 213 रन देकर सिर्फ 5 विकेट हासिल किए हैं।

धोनी दिखे छद्म कप्तान के रूप में

चेन्नई ने पिछले साल धोनी की कप्तानी में चौथा आईपीएल खिताब जीता था। अब धोनी भविष्य के लिये किसी और को तैयार करना चाहते थे तो दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी जडेजा को चुना गया।

जडेजा शुरू ही से इस भूमिका में सहज नहीं दिखे। इसके अलावा धोनी की शख्सियत का करिश्मा कुछ ऐसा है कि सौराष्ट्र के इस क्रिकेटर की राह और मुश्किल हो गई। कई मैचों में तो वह डीप में फील्डिंग करते और धोनी फैसले लेते नजर आये।

एक मौके पर तो गेंदबाजी में बदलाव का फैसला धोनी ने ड्वेन ब्रावो से सलाह लेकर किया। जडेजा डीप मिडविकेट से दौड़कर आ रहे थे लेकिन जब उन्होंने देखा कि फैसला हो चुका है तो बीच में से ही मुड़ गए।

आईपीएल के एक सूत्र ने बताया ,‘‘ वैसे तो 2020 तक सुरेश रैना को धोनी के वारिस के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन उनका फॉर्म बिगड़ा और फिर वह टीम से बाहर हो गए । इसके बाद चेन्नई के बाद कप्तानी के लिये कोई और विकल्प नहीं था । ’’

जडेजा सौराष्ट्र की टीम की एक ही बार कप्तानी कर चुके हैं और वह भी 14 साल पहले जूनियर स्तर पर।चेन्नई अब अंकतालिका में नौवे स्थान पर है और प्लेआफ में प्रवेश की उसकी राह लगभग नामुमकिन है। अब देखना यह है कि अगले साल कप्तानी के लिये कौन राजी होता है अगर धोनी 2023 में भी खेलने का फैसला लेते हैं।
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