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Last Updated: शुक्रवार, 1 जुलाई 2022 (15:28 IST)

IPL 2022 के आधार पर टी-20 विश्वकप से बाहर हो सकते हैं यह भारतीय धुरंधर क्रिकेटर्स

जानिए किन भारतीय खिलाड़ियों का भविष्य संकट में है?

आईपीएल को दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग कहा जाता है। भारतीय क्रिकेट फैंस हर साल बेसब्री से आईपीएल का इंतज़ार करते हैं और आईपीएल के दौरान युवाओं में सिर्फ यही चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना रहता है। लेकिन, मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी आईपीएल बहुत ही महत्वपूर्ण लीग मानी जाती है। क्योकि, इस लीग में ही मौजूदा और नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखकर इंडियन क्रिकेट टीम की चयन समिति इस बात का निर्णय लेती है कि किन खिलाड़ियों को अंतराष्ट्रीय मैचों में खेलने का मौका देना है।  

आईपीएल 2022 खत्म हो चुका है। लेकिन फैंस को मनोरंजन खत्म होने के साथ साथ इस बात का भी बड़ा झटका लगा है कि धुरंधर भारतीय क्रिकेटर्स इस टूर्नामेंट में फ्लॉप साबित हुए हैं। अभी तक भारत की मौजूदा अंतराष्ट्रीय टीम के स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ज्यादा खराब रहा है। जिन खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को अपने इंटरनेशनल मैचेस में जीत दिलाई है, वो अपनी-अपनी आईपीएल टीमों के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं खेल पाएं है। नजर डाल लेते हैं इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा का यह सबसे खराब आईपीएल सत्र गया। उनकी आईपीएल टीम  मुंबई इंडियंस के लिए वह एक अर्धशतक तक जड़ने में नाकाम रहे। रोहित ने 14 मैचों में 19 की औसत से सिर्फ 268 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट भी 120 का ही रहा है।

वहीं विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कहे जाने वाले विराट कोहली ने भी इस पूरे सीजन में फैंस को निराश किया है। विराट तो 16 मैचों 22 की औसत से 341 रन ही बना पाए है। वो भी सिर्फ 115 के साधारण स्ट्राइक रेट के साथ। पूरे सत्र में वह दो बार अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे, यह दोनों एक ही टीम गुजरात टाइटंस के सामने आए।उनका खराब फॉर्म खासा चर्चा में रहा।
मिडिल आर्डर के ताबड़तोड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की हालत भी कुछ ऐसी ही है। ऋषभ का स्ट्राइक रेट तो ठीक है लेकिन उन्होंने 14 मैचों में 30 की औसत से सिर्फ 340 रन ही बनाए है।अपनी टीम के लिए वह बड़ी पारी खेलकर फिनिशर का रोल नहीं अदा कर पाए।रोहित शर्मा की तरह ऋषभ पंत भी एक भी अर्धशतक लगाने में नाकाम रहे। Ishan Kishan
ऊपरी क्रम के विस्फोटक बल्लेबाज कहे जाने वाले ईशान किशन का बल्ला भी पूरे सीजन में शांत रहा। ईशान किशन को मुंबई इंडियंस ने ऑक्शन में 15.25 करोड़ रुपयों में खरीदा था, लेकिन वो 14 मैचों में 32 की औसत के साथ सिर्फ 418 रन ही बनाए। जितना रुपया ईशान किशन पर मुंबई ने खर्च किया था उतना फल फ्रैंचाइजी को मिला नहीं। इस सत्र में किशन 3 बार 50 के पार जाने में सफल हो पाए।
बल्लेबाजी में फिनिशर का रोल अदा करने और प्रभावी स्पिन गेंदबाज़ी करने के लिए रविंद्र जडेजा बखूबी जाने जाते है लेकिन इस बार चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी संभालने के चक्कर में एक खिलाड़ी के रूप में उनका प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा। जडेजा ने लीग के 10 मैचों में साढ़े 7 की औसत से केवल 5 विकेट लिए है, वहीं बल्लेबाजी में उन्होंने 118 के मामूली स्ट्राइक रेट से सिर्फ 116 रन बनाए है।
पिछले कुछ अंतराष्ट्रीय मैचों में वेंकटेश अय्यर ने भी बहुत प्रभावित किया था। उन्हें भारत के नए टॉप आर्डर बैटर के रूप में देखा जा रहा था। लेकिन इस आईपीएल उन्होंने भी फैंस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वेंकटेश ने 12 मैचों में 16 की औसत से सिर्फ 182 रन बनाए। उन्हें इस बार गेंदबाजी का उतना मौका नहीं मिला और वह कोई भी विकेट लेने में नाकाम रहे।
तो ये थी बल्लेबाजों की बात। अब अगर भारतीय प्रमुख गेंबाजों पर आया जाए तो उनका प्रदर्शन भी इस आईपीएल में खराब ही रहा है।

जसप्रीत बुमराह इंडियन टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज कहे जाते है, लेकिन इस सीजन वो भी विरोधी टीम के बल्लेबाजों को गुमराह नहीं कर पाए। बुमराह ने अब तक 14 मैचों में साढ़े सात की इकॉनमी से सिर्फ 15 विकेट लिए। उन्होंने 320 गेंदें फेंकी और 383 रन दिए।
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार भी इस बार कुछ खास जलवा नहीं दिखा पाए है। भुवी के हाथ 14 मैचों में साढ़े 7 की इकॉनमी से सिर्फ 12 विकेट्स हाथ आए है। भुवनेश्वर कुमार ने 383 रन सिर्फ 313 गेंदो में दिए।
इसके अलावा इस सूचि शार्दुल ठाकुर भी है जो अंतिम ओवरों में विकेट चटकाकर मैच का रुख मोड़ने के लिए जाने जाते है। उनका प्रदर्शन भी इस साल बहुत ही साधारण रहा। शार्दुल ने 14 पारियों में साढ़े 9 की खराब इकॉनमी के साथ केवल 15 विकेट्स लिए है। ठाकुर कितने महंगे साबित हुए इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 290 गेंदो में 473 रन लुटाए।
अंतराष्ट्रीय मैचों में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी खासा प्रभावित किया था, पर आईपीएल 2022 में उन्होंने भी अपनी टीम को निराश किया है। सिराज ने 15 मैचों में साढ़े 10 रन प्रति ओवर देकर केवल 9 विकेट्स झटके है। 306 गेंदो में 514 रन लुटाने वाले सिराज अपनी टीम के लिए बेहद महंगे साबित हुए।
अब सवाल ये उठता है कि अगर आईपीएल में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर ही अंतराष्ट्रीय मैचों  के लिए चयन किया जाएगा तो भारत के स्टार खिलाड़ी कहे जाने वाली इन प्लेयर्स के इतने खराब फॉर्म के बाद भी इन्हे टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह मिलेगी या नहीं।(वेबदुनिया डेस्क)