सिर्फ बाउंड्री पर ही निर्भर नहीं रह सकते, धीमे विकेट पर स्ट्राइक रोटेट करना भी अहम : लक्ष्मण

पुनः संशोधित रविवार, 18 अप्रैल 2021 (13:21 IST)
चेन्नई। के मेंटोर वीवीएस लक्ष्मण ने माना कि चेपॉक के कठिन विकेट पर जब के गेंदबाजों के खिलाफ बाउंड्री लगाना मुश्किल हो रहा था, तब उनके बल्लेबाज नहीं कर सके।
मुंबई इंडियंस द्वारा दिए गए 151 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम शनिवार को मध्य के ओवरों में रन जुटाने में जूझने के कारण 19.4 ओवर में केवल 137 रन ही बना सकी। लक्ष्मण ने मैच के बाद कहा, एक या दो रन लेने की कला बहुत अहम है, विशेषकर इस तरह की पिचों पर क्योंकि यहां हिट करना इतना आसान नहीं होता। आप सिर्फ बाउंड्री या छक्कों पर ही निर्भर नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा, डॉट गेंदों के प्रतिशत को कम रखना काफी महत्वपूर्ण है और आप स्ट्राइक रोटेट करके ही ऐसा कर सकते हो। यह खेल का एक पहलू है जो इस तरह के विकेटों पर काफी महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा,दुर्भाग्य से हम ऐसा नहीं कर सके, विशेषकर तब जब राहुल चाहर गेंदबाजी कर रहा था और यहां तक कि जब अन्य तेज गेंदबाज भी मध्य ओवरों में गेंदबाजी कर रहे थे।
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लक्ष्मण ने कहा कि पारी के दूसरे हिस्से में जब गेंद पुरानी हो गई थी तो आक्रामक खेलना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने पॉवरप्ले पाबंदियों का इस्तेमाल करने की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, स्पिनर भी भी उछाल के साथ टर्न हासिल कर रहे थे। यह निश्चित रूप से एक पहलू है जिस पर हमने निश्चित रूप से चर्चा की थी।
लक्ष्मण ने साथ ही क्रीज पर जमे हुए बल्लेबाज के लंबी पारी खेलने की अहमियत पर बात की। उन्होंने कहा, नए खिलाड़ी के लिए सीधे पिच पर आकर आदी होना काफी मुश्किल है, विशेषकर तब जब स्ट्राइक रेट बढ़ता ही जा रहा हो। पहले 10 ओवरों में आप जिस तरह से सकारात्मक और आक्रामक रवैया दिखाते हो, इससे दूसरे हाफ में मदद मिलती है।(भाषा)



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