चीन की मोबाइल कंपनी वीवो फिर बनी आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर

Last Updated: रविवार, 4 अप्रैल 2021 (17:38 IST)
चेन्नई:भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव के कारण चीनी मोबाइल कंपनी वीवो गत वर्ष के टाइटल प्रायोजन से हट गयी थी लेकिन 2021 सत्र के लिए वीवो फिर से आईपीएल का बन गया है।


आईपीएल के चेयरमैन बृजेश पटेल ने गुरूवार को आईपीएल नीलामी शुरू होने से पहले अपने सम्बोधन में घोषणा की कि वीवो फिर से आईपीएल के प्रायोजन के लिए लौट आया है। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव के कारण को वीवो के साथ अपना करार 2020 सत्र के लिए निलंबित करने पर मजबूर होना पड़ा था जिसके बाद भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म ड्रीम 11 को 2020 सत्र के लिए आईपीएल का टाइटल प्रायोजक बनाया गया था।
गौरतलब है कि वीवो ने 2017 में पांच साल (2018-2022) के लिए आईपीएल टाइटल प्रायोजन का करार 2199 करोड़ रुपए में खरीदा था। बीसीसीआई को एक सत्र में वीवो से 440 करोड़ रुपए मिलते हैं।

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने आईपीएल 2020 से पहले बयान जारी कर कहा था कि वीवो इसका टाइटल प्रायोजक बना रहेगा। लेकिन इस घोषणा के बाद बीसीसीआई को राजनेताओं, संगठनों, ट्रेड यूनियनों और सोशल मीडिया पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था।

इसके बाद बोर्ड ने प्रायोजकों के लिए नए आवेदन मंगाने शरु किए। अगस्त 2020 में बीसीसीआई ने घोषणा की

कि महाराष्ट्र के मुंबई स्थित भारतीय ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम 11 (स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज प्रा. लिमि.) आईपीएल 2020 की टाइटल स्पॉन्सर होगी।

ड्रीम 11 ने आईपीएल के टाइटल प्रायोजन अधिकार 222 करोड़ रुपए की बोली लगाकर हासिल किए थे। ड्रीम 11 को 18 अगस्त से 31 दिसम्बर 2020 तक के लिए आईपीएल के टाइटल प्रायोजन अधिकार मिले थे।

वीवो और ड्रीम 11 की राशी की तुलना करें तो टाइटल प्रायोजक की इस डील में बीसीसीआई को कुल 218 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। लेकिन यह जरूरी भी था क्योंकि तब सोशल मीडिया पर भी बैन आईपीएल ट्रैंड कर रहा था। बोर्ड जनमानस के गुस्सा मोल नहीं लेना चाहता था। इस बार ऐसा नहीं होगा यह भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। (वार्ता)



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