IPL 2020 : अंत में वे रवींद्र जडेजा के 'छक्कों' से हार गए

Author नरेन्द्र भाले| Last Updated: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020 (18:17 IST)
और के में केकेआर के शुभमन गिल (26) और नीतीश राणा ने 7 ओवर तक विकेट गिरने नहीं दिया और 58 रन जोड़ लिए। गिल में अवश्य प्रतिभा है लेकिन जमने के बावजूद आउट हो जाना उनका प्रिय शगल है। करण शर्मा की गेंद वे ठीक से समझ नहीं पाए और अपने स्टम्प खो बैठे। लप्पेबाज सुनील नारायण को सेंटनर ने स्कोर बोर्ड को जहमत उठाने का भी लाभ लेने नहीं दिया। यहां बड़ी चूक कप्तान ने करते हुए नवजात रिंकू सिंह को ऊपर भेज दिया।

पहला मैच खेल रहे रिंकू (11) जल्द अपना आपा खो बैठे और जडेजा का शिकार बन गए। इयोन मोर्गन खुद 15 रन बनाकर लौट गए जबकि कार्तिक ने 10 गेंदों में 21 रनों की चटक पारी खेली। इसके बावजूद यदि स्कोर 5 विकेट पर 172 तक पहुंचा तो यहां कारनामा उद्घाटक बल्लेबाज नितीश राणा ने किया।

बंदे ने मात्र 61 गेंदों में 86 रनों की पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के उड़ाए। करण शर्मा को लगातार 3 छक्के जमाते हुए उन्होंने रन रेट को गिरने नहीं दिया। अपने वजूद को बरकरार रखने के लिए आज से केकेआर ने निश्चित मुश्किल लक्ष्य चेन्नई के सामने रखा था।
जवाबी हमले में पके हुए वॉटसन और पिछले मैच के मैन ऑफ द मैच ऋतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला एवं 7 ओवर में बगैर नुकसान के 49 रन जोड़ लिए। इसमें वॉटसन (14) का योगदान नहीं के बराबर था। इसके बाद गायकवाड़ तथा रायडू ने उम्दा साझेदारी करते हुए स्कोर के 100 के पार पहुंचा दिया। रायडू 38 कमिंस का शिकार बन गए जबकि धोनी (1) को चक्रवर्ती ने पपलू बनाकर बोल्ड कर दिया।

इस दौर में भी गायकवाड़ ने शास्त्रीय बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्ध्दशतक 37 गेंदों में पूरा कर लिया। यह युवा आपनी उम्दा शैली से बरबस अजिंक्य रहाणे की याद ताजा कर देता है। 72 के व्यक्तिगत योग पर कमिंस ने उन्हें बोल्ड कर चेन्नई के लिए संकट पैदा कर दिया। लाजवाब पारी खेल रहे गायकवाड़ ने पहली बार प्रयोगात्मक शॉट खेलने की कोशिश की और कमिंस के सामने अपने स्टम्प खो बैठे।

सारा दारोमदार सैम करेन और रविंद्र जडेजा पर आ गया। आश्चर्यजनक रूप से करेन कतई लय में नजर नहीं आ रहे थे। यहां 18 वां ओवर कमांड ने फेंका और गायकवाड़ का विकेट लेते हुए मात्र 4 रन दिए। 12 गेंदों में 30 रन चाहिए थे और फर्ग्यूसन ने बेहद खराब गेंदबाजी करते हुए 20 रन लुटा दिए। जडेजा ने उन्हें एक चौका और एक छक्का तो लगाया ही लेकिन फर्ग्यूसन ने एक वाइड, एक नोबॉल फेंककर चेन्नई की राह आसान कर दी।

अंतिम ओवर में युवा कमलेश नागरकोटी के सामने छह गेंदों में 10 रन बचाने की चुनौती थी लेकिन 3 अच्छी गेंदें फेंकने के बाद उन्होंने 2 गेंदें ऊपर फेंक दी और जडेजा ने लगातार दो लंबे छक्के लगाकर मैच का सारा रोमांच चेन्नई की झोली में डाल दिया।

गायकवाड़ ने लगातार दूसरा 'मैन ऑफ द मैच' का पुरस्कार हासिल कर अपने सुनहरे भविष्य के संकेत दे दिए। पिछले तीन मैचों में 0, 5, 0 का स्कोर करने वाले गायकवाड़ ने धोनी के विश्वास पर आखिरकार खरा उतर कर दिखाया। चेन्नई की जीत से मुंबई इंडियंस प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई।



और भी पढ़ें :