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जिनपिंग ने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स से समग्र दृष्टिकोण अपनाने को कहा

Updated: सोमवार, 4 सितम्बर 2017 (08:03 IST)
शियामिन (चीन)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को ब्रिक्स देशों से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उसके 'लक्षण और मूल कारणों' से निपटा जाना चाहिए ताकि आतंकियों के छिपने की कोई जगह न हो।
 
ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका) बिजनेस फोरम के उद्घाटन भाषण में जिनपिंग ने कहा कि ब्रिक्स देशों को भू-राजनीतिक मुद्दों को सुलझाने की प्रक्रिया में रचनात्मक हिस्सा लेकर उचित योगदान करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि जब हम सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समग्र दृष्टिकोण अपनाएंगे और इसके लक्षण तथा मूल कारणों से निपटेंगे तब आतंकियों के छिपने की जगह नहीं होगी।'
 
उल्लेखनीय है कि जिनपिंग की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में पाकिस्तान को 'अराजक एजेंटों' का पनाहगाह बताए जाने के बाद आई है। ट्रंप ने इन तत्वों पर अफगानिस्तान में अमेरिकियों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि इस्लामाबाद को आतंकियों को पनाह देने पर 'बहुत कुछ गंवाना' होगा।
 
चीन की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में भारत भी आतंकवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाने वाला है। हालांकि चीन ने कहा है कि भारत द्वारा पाकिस्तान का आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड की चर्चा इस फोरम के लिए 'उचित विषय' नहीं है। ब्रिक्स देशों के तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमर, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन की शुरुआत ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के सम्मेलन से हुई है।
 
जिनपिंग ने ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि बड़ी इमारत के निर्माण की शुरुआत नींव (फाउंडेशन) से होती है। हमने नींव रखी है और ब्रिक्स सहयोग का फ्रेमवर्क खड़ा करना है। पिछले दस वर्षों में ब्रिक्स सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए एक-दूसरे से बराबरी का व्यवहार तथा मतभेदों को ठंडे बस्ते में डालना महत्वपूर्ण है। उन्होंने ब्रिक्स देशों की उपलब्धि बताते हुए कहा कि पिछले दशक में इस ब्लॉक के संयुक्त जीडीपी में 179 फीसद की वृद्धि हुई जबकि व्यापार 94 फीसद बढ़ा है।
 
73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध खत्म होने के करीब एक हफ्ते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक मंगलवार को हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रविवार को चीन के शियामिन शहर पहुंच गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पांच सितंबर को मोदी और ‍जिनपिंग की बैठक निर्धारित है। इस मुलाकात के बाद मोदी म्यांमार के लिए रवाना हो जाएंगे। (एजेंसी)
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