योग पर झल्लाया रूस, कहा जादू-टोना बंद करो

पुनः संशोधित बुधवार, 1 जुलाई 2015 (11:08 IST)
मास्को। हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में भर में 21 जून को योगा दिवस मनाया गया। लेकिन में योग को लेकर एक विरोध सामने आया है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद सेंट्रल रूस मे योग को कर दिया गया है।    
रूसी अधिकारियों ने योग को जादू-टोना फैलाने से रोकने के लिए बैन किया है। सेंट्रल रूस में दो स्टूडियो में हठ योग की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
 
हठ योग में गहरी सांसें भरने के साथ ही कुछ कठिन आसन किए जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक सबसे पहले 
हठ योग को भगवान शिव ने किया था।
 
संयोगवश हठ योग अमेरिका समेत विदेशों में सबसे ज्यादा प्रचलित आसनों में से एक है। करीब 100 साल पहले योग के इस रूप को रूसी बॉलिवुड ऐक्ट्रेस इंद्रा देवी ने पश्चिमी देशों में लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
 
योग शरीर और मन को शांत रखने के पूरे विश्व में प्रचलित है। 21 जून को पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दुनिया भर में लाखों लोगों ने योग किया था।
 
भारत में भी पीएम नरेंद्र मोदी ने राजपथ पर करीब 35 हजार लोगों के साथ योग किया था और संयुक्त राष्ट्र को 21 जून को योग दिवस घोषित करने पर शुक्रिया अदा किया था।
 
रूसी मीडिया के मुताबिक औरा और इंगारा नामक स्टूडियो हठ योग के लिए स्टेडियम और मीटिंग हॉल किराए पर ले रहे थे। अब उन्हें हठ योग के लिए सरकारी स्थानों का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। इसके साथ ही दोनों स्टूडियो को ऐसा करने के लिए नोटिस भी दिया गया है।
 
मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नए धार्मिक प्रचलन के प्रसार को रोकने के लिए यह आदेश दिए गए हैं। कमिरसैंट की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने फिजिकल कल्चर ऐंड एजुकेशन डिपार्टमेंट के हेड को दिए नोटिस में कहा है कि यह अनिवार्य तौर पर धार्मिक कर्मकांड है और इसका जादू-टोने से भी संबंध है।
 
रूस में योग काफी प्रचलित है। रूसी ऐक्ट्रेस इंद्रा देवी ने भारतीय गुरु से हठ योग सीखा था और उन्हें 'फर्स्ट लेडी ऑफ योगा' कहा जाता था। 103 साल की उम्र में मरने से पहले उन्होंने यूरोप और अमेरिका में काफी लोगों को योग सिखाया।



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