बगदादी तक पहुंचने का रास्ता पत्नी ने बताया था CIA को

Last Updated: सोमवार, 28 अक्टूबर 2019 (21:07 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिकी समाचार पत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार खुफिया एजेंसी को आईएस सरगना अबू बकर अल बगदादी के संभावित ठिकाने के बारे में कुछ महीने पहले पता चला था, जब उसकी एक पत्नी और एक संदेशवाहक को गिरफ्तार किया गया था।
केन्द्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने शुरुआती गुप्त सूचना के आधार पर बगदादी के ठिकानों की सटीक पहचान करने के लिए इराकी और कुर्दिश खुफिया अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जासूसों को काम पर लगाया गया।

बगदादी ने शनिवार को उत्तरी सीरिया में अमेरिका के विशेष अभियान बलों के हमले के दौरान खुद को आत्मघाती बम से उड़ा लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इसकी घोषणा की।

अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार पत्र को बताया कि कुर्दों को सीरिया में ही छोड़कर अमेरिका को बाहर निकालने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले के बाद भी कुर्दों ने सीआईए को बगदादी के ठिकाने के बारे में जानकारी देना जारी रखा।

हमले की जगह के निकट गांव में रहने वाले लोगों से बात करने वाले इंजीनियर के मुताबिक बगदादी एक और चरमपंथी समूह हुर्रास अल दीन के एक कमांडर अबू मोहम्मद सलामा के घर में शरण लिए हुए था।

समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि सेना ने कम से कम दो बार अंतिम क्षणों में मिशन रोका था। हमले की अंतिम योजना पिछले सप्ताह दो से तीन दिन में बनाई गई थी। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि बगदादी भागने ही वाला था।
समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि इस बात की संभावना है कि बगदादी जब वर्ष 2000 के मध्य में इराक में अमेरिका द्वारा संचालित हिरासत शिविर में था, तो उसका डीएनए नमूना लिया गया होगा।

एक अधिकारी ने कहा कि सीरियाई और इराकी कुर्दों ने किसी भी देश के मुकाबले हमले को लेकर अधिक खुफिया जानकारी मुहैया कराई। हमले की जगह के निकट गांव में रहने वाले लोगों से बात करने वाले इंजीनियर के मुताबिक बगदादी एक और चरमपंथी समूह हुर्रास अल दीन के एक कमांडर अबू मोहम्मद सलामा के घर में शरण लिए हुए था।

समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि सेना ने कम से कम दो बार अंतिम क्षणों में मिशन रोका था। हमले की अंतिम योजना पिछले सप्ताह दो से तीन दिन में बनाई गई थी। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि बगदादी भागने ही वाला था।

समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि इस बात की संभावना है कि बगदादी जब वर्ष 2000 के मध्य में इराक में अमेरिका द्वारा संचालित हिरासत शिविर में था, तो उसका डीएनए नमूना लिया गया होगा।


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