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क्या है चीन का AI चैंपियन DeepSeek जो दे रहा है ChatGPT को कड़ी चुनौती, जानिए किसने बनाया है DeepSeek

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 29 जनवरी 2025 (18:07 IST)
DeepSeek: AI  की दुनिया में चीन का DeepSeek एक नए दावेदार के रूप में उभर कर सामने आया है। अमेरिका में ऐपल ऐप स्टोर पर यह सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मुफ्त ऐप बन गया है। साथ ही अमेरिकी शेअर बाजार में भी काफी गिरावट देखी गई। इस तरह DeepSeek चैटजीपीटी (ChatGPT) को कड़ी टक्कर दे रहा है। यह एक शक्तिशाली AI मॉडल है जो अपनी अत्याधुनिक तकनीक और किफायती लागत के कारण ChatGPT को सीधी चुनौती दे रहा है। वेबदुनिया हिंदी पर आइये जानते हैं क्या है DeepSeek और इसे किसने बनाया है।

DeepSeek क्या है?
DeepSeek एक चीनी AI स्टार्टअप द्वारा विकसित किया गया एक AI मॉडल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका "DeepThink (R1)" मॉडल, जो जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम है और अपने सोचने की प्रक्रिया को भी प्रदर्शित करता है। यह इसे अन्य AI मॉडल्स से अलग करता है।

DeepSeek की खासियतें
कॉस्ट-इफेक्टिव: DeepSeek को चलाने के लिए महंगे हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे यह अधिक किफायती हो जाता है।
उन्नत क्षमताएं: DeepSeek-R1 मॉडल गणित, कोडिंग और सामान्य ज्ञान से जुड़े कार्यों में बेहद कुशल है।
ओपन-सोर्स: DeepSeek के छोटे संस्करण ओपन-सोर्स हैं, जिससे डेवलपर्स और शोधकर्ता इसका उपयोग कर सकते हैं और इसे और बेहतर बना सकते हैं।

किसने बनाया DeepSeek
DeepSeek, AI की दुनिया में नए सितारे के रूप में उभरा है। इस चैटबॉट ने ChatGPT को भी पीछे छोड़ दिया है और दुनियाभर में तहलका मचा दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस दिग्गज AI को किसने बनाया? आइए जानते हैं DeepSeek के संस्थापक लियांग वेनफेंग के बारे में।



एक साधारण परिवार से आया युवक बना AI का बादशाह
लियांग वेनफेंग का जन्म चीन के झानजियांग में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। बचपन से ही वे समस्याओं को सुलझाने और नई-नई चीजें सीखने में काफी ज्यादा रुचि रखते थे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ही अपनी पढ़ाई पूरी कर इस एरिया में गहरी पकड़ बनाई।

बिजनेस की दुनिया में कदम
लियांग ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बिजनेस की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने 2013 में हांग्जो याकेबी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और 2015 में झेजियांग जियुझांग एसेट मैनेजमेंट की स्थापना की। इसके बाद 2019 में उन्होंने हाई-फ्लायर AI लॉन्च किया।

कैसे हुआ DeepSeek का जन्म
साल 2023 में लियांग ने DeepSeek की नींव रखी। इस कंपनी का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) डेवलप करना था। DeepSeek का पहला प्रोडक्ट DeepSeek-R1 एक AI चैटबॉट है, जिसे Nvidia H800 चिप्स का इस्तेमाल करके ट्रेन किया गया। DeepSeek-R1 को बनाने में करीब 52 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो ChatGPT की लागत से लगभग 10 गुना कम है।

DeepSeek की सफलता
DeepSeek-R1 ने न सिर्फ ChatGPT को टक्कर दी है, बल्कि Google Gemini जैसे AI चैटबॉट की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अमेरिकी बाजार में ये ऐप काफी ज्यादा पॉपुलर हो गया है। Apple के ऐप स्टोर पर यह ऐप लॉन्च होते ही सबसे ज्यादा रेटिंग वाला फ्री ऐप बन चुका है।

DeepSeek का प्रभाव
DeepSeek के AI मॉडल R1 का असर इंडियन और अमेरिकन मार्केट्स में देखने को मिल रहा है। NVIDIA के शेयर्स में तो इससे 20% तक की गिरावट देखने को मिली है। जबकि इसका असर भारत में लिस्टेड कंपनियों पर भी दिखा। अनंत राज, नेटवेब टेक्नोलॉजीज और जेन टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों के शेयर्स 50 परसेंट तक लुढ़क गए।


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