पुतिन की प्रेमिका पर अमेरिका ने कसा शिकंजा, लगाए नए प्रतिबंध

पुनः संशोधित बुधवार, 3 अगस्त 2022 (10:11 IST)
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वाशिंगटन। यूक्रेन और रूस के बीच महीनों से जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस के अभिजात वर्ग के कुछ चुनिंदा लोगों पर नए सिरे से प्रतिबंध लगाए हैं। इनके दायरे में शामिल लोगों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कथित प्रेमिका अलीना काबेवा शामिल हैं।

अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने पूर्व ओलंपिक जिमनास्ट एवं ‘स्टेट ड्यूमा’ (रूसी संसद का निचला सदन) की पूर्व सदस्य अलीना काबेवा का वीजा फ्रीज कर दिया है और उनकी संपत्तियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। काबेवा रूस की एक मीडिया कंपनी की प्रमुख भी हैं, जो यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का समर्थन करती है।

जेल में बंद पुतिन के आलोचक एलेक्सी नवलनी लंबे अरसे से काबेवा के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि काबेवा की मीडिया कंपनी ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को लेकर पश्चिमी देशों की टिप्पणी को दुष्प्रचार अभियान के रूप में चित्रित करने का बीड़ा उठा रखा है।
ब्रिटेन ने मई में काबेवा के खिलाफ प्रतिबंधों को मंजूरी दी थी। वहीं, यूरोपीय संघ ने जून में उन पर यात्रा और संपत्ति संबंधी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।

अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने एंड्रे ग्रिगोरीविच गुरेव पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, जो विटनहर्स्ट एस्टेट के मालिक हैं। 25 कमरों वाला विटनहर्स्ट एस्टेट लंदन में बकिंघम पैलेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा महल है। उनकी 12 करोड़ डॉलर की कीमत वाली नौका (याट) अल्फा नीरो भी प्रतिबंध के दायरे में है। एंड्री के बेटे पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इससे पहले, अप्रैल में अमेरिका ने पुतिन की दोनों बेटियों-कैटरीना व्लादिमीरोवना तिखोनोवा और मारिया व्लादिमीरोवना वोरोत्सोवा पर प्रतिबंध लगाए थे। रूसी इस्पात निर्माता पब्लिकनो एक्त्सियनर्नो ऑब्सचेस्तवो मैग्नीतोगोर्स्की मेतलर्जिकेशकी कोम्बिनात जिन्हें एमएमके के नाम से भी जाना जाता है, उन पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इसके अलावा 893 रूसी संघ के अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन अधिकारियों में रूस के शीर्ष सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों के वीजा फ्रीज कर दिए जाएंगे।
अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने एक वक्तव्य में कहा, 'यूक्रेन पर रूस के अवैध आक्रमण के कारण मासूम लोगों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पुतिन के सहयोगियों ने खुद को समृद्ध किया है और वे अत्यंत विलासितापूर्ण जीवन जी रहे हैं।'



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