यमन में स्वाइन फ्लू का जबरदस्त कहर, 139 लोगों की मौत

Last Updated: बुधवार, 13 फ़रवरी 2019 (15:35 IST)
साना। के उत्तरी प्रांतों में स्वाइन फ्लू (एचआई एनआई इन्फ्लूएंजा) से पिछले साल कम से कम 139 लोग काल के गाल में समा गए। स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि स्वाइन फ्लू के सर्वाधिक मामले हैती विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों राजधानी साना, अमरान और इब्ब प्रांत के हैं। इन क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू से 22 लोगों की हुई और कम से कम 107 लोग इससे संक्रमित हुए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इस रिपोर्ट को लेकर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
यमन में वर्ष 2015 में हैती विद्रोहियों द्वारा राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी को जबरन सत्ता से हटा देने के बाद गृहयुद्ध शुरू हो गया। चार वर्षों से गृहयुद्ध का दंश झेल रहे यमन में राजनीतिक व्यवस्था चरमरा गई है और लाखों लोग भुखमरी की कगार पर हैं। इस देश में हैजे से दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख लोग संक्रमित हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यमन विश्व के सर्वाधिक खराब मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है। हैती विद्रोहियों द्वारा देश के पश्चिमी हिस्से के अधिकांश क्षेत्रों पर कब्जा करने और सऊदी अरब समर्थित हादी को देश छोड़कर भागने पर मजबूर करने के बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के युद्ध में हस्तक्षेप किया था। इसके बाद से यमन की स्थिति बिगड़ती चली गई।

संयुक्त राष्ट्र ने पिछले माह कहा था कि यमन में अब तक कम से कम छह हजार आठ सौ नागरिक मारे गए हैं और करीब 10 हजार सात सौ घायल हुए हैं। साथ ही कुपोषण, बीमारी और भुखमरी से कई हजार लोगों की मौत हो गई हैं। दो करोड़ लोग खाद्य संकट झेल रहे हैं, जिनमें से करीब एक करोड़ को लोग एक वक़्त के भोजन की अनिश्चितता की स्थिति में जी रहे हैं। यह देश बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है।

 

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