सैन्य अदालतों में सुनवाई को वैध बना सकती है पाकिस्तानी संसद

इस्लामाबाद| पुनः संशोधित शुक्रवार, 10 मार्च 2017 (16:00 IST)
इस्लामाबाद। की संसद में एक ऐसा विधेयक पारित हो सकता है जिससे सैन्य अदालतों में 2 और वर्ष की अवधि के लिए सुनवाई वैध हो जाएगी। 
 
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार शुक्रवार को सांसदों के समक्ष इस विधेयक का मसौदा पेश कर सकती है। इस बात के संकेत मिले हैं कि राष्ट्रीय असेंबली में संवैधानिक संशोधन का सर्वसम्मति से समर्थन किया जाएगा।
 
इस संशोधन से सेना को यह अधिकार मिल जाएगा कि वे आतंकवाद से संबंधित आरोपों पर किसी भी संदिग्ध पर मुकदमा चला सकें। वर्ष 2015 में इसी तरह के संशोधन में सैन्य अदालतों को 2 वर्ष के लिए संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ सुनवाई करने की मंजूरी दी गई थी। इस मंजूरी की अवधि जनवरी में समाप्त हो गई।
 
दिसंबर 2014 में पेशावर के एक स्कूल पर तालिबान के हमले के बाद 2015 में सैन्य अदालतों को यह अनुमति दी गई थी। इस हमले में 154 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर स्कूली छात्र थे। सेना ने कहा कि पिछली 2 वर्ष की अनुमति के दौरान 274 मामले सैन्य अदालतों में भेजे गए जिनमें 161 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई। (भाषा)



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