व्हाइट हाउस क्या बोला नरेन्द्र मोदी के 'उपवास' पर

पुनः संशोधित बुधवार, 24 सितम्बर 2014 (14:59 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नवरात्रि उपवास रखे जाने के मद्देनजर ने बुधवार को कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि मेहमानों के रिवाजों को सम्मानजनक ढंग से ध्यान रखा जाता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता केटलिन हेडन ने कहा, ‘हम इस बात से अवगत है कि प्रधानमंत्री वॉशिंगटन यात्रा के दौरान उपवास रखेंगे। पिछले कई वर्षों से अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी में आने वाले सभी मेहमानों की तरह हम अपने मेहमानों के रिवाजों का सम्मानजनक ढंग से ध्यान रखने के लिए सदैव काम करते हैं।’
 
उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति (बराक ओबामा) प्रधानमंत्री की सफल द्विपक्षीय यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं और हमें नहीं लगता कि यह (उपवास) किसी भी तरह कोई मुद्दा बनेगा।’ उन्होंने यह बात इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर कही कि नवरात्रि उपवास के दौरान मोदी केवल तरल वस्तुएं, शहद के साथ नीबू पानी और एक कप चाय प्रतिदिन लेते हैं।
 
उन्होंने इस बारे में कोई और ब्योरा नहीं दिया कि 29 सितंबर को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में होने वाले निजी रात्रि भोज में क्या पेश किया जाएगा। बहरहाल, व्हाइट हाऊस हिस्टॉरिकल एसोसिएशन का मानना है कि रात्रिभोज का ब्योरा बना लिया गया होगा। यह ब्योरा यात्रा पर आए नेता की धार्मिक परंपराओं एवं मान्यताओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए बनाया गया होगा।
 
व्हाइट हाउस हिस्टॉरिकल एसोसिएशन की प्रवक्ता लारा एम क्लाइन ने कहा, ‘1920 के दशक से विदेश मंत्रालय में प्रोटोकाल कार्यालय राष्ट्र प्रमुखों की यात्रा से कई हफ्ते पहले उनके अग्रिम दल से मिलता है और यात्रा के प्रत्येक ब्योरे पर काम किया जाता है जिसमें भोजन संबंधी सरोकार (पसंद या नापसंदगी) शामिल होती है। प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। मैं जानती हूं वे पूरी तरह से हर वो चीज करेंगे जिससे उन्हें (मोदी को) सुविधा हो। इसके बारे में अग्रिम दल ने सूचनाएं साझा की होंगी।’
 
इस बीच, नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कल कहा, ‘यह आमतौर पर सामान्य राजनयिक प्रचलन है कि जब हम कोई ऐसी बातचीत करते हैं जिसके बाद कोई भोज या अन्य खाद्य सामग्री होती है तो मेजबान पक्ष अनुरोध करता है और मेहमान, जो कि भारतीय पक्ष है, अपनी भोजन संबंधी पसंद का संकेत देता है।’
 
उन्होंने कहा, ‘और मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि भोजन संबंधी पसंद का संकेत मेजबान (अमेरिका) को दिया जा चुका है और उन्होंने इस पर ध्यान दिया है तथा हर चीज उसके अनुरूप तैयार की जाएगी।’ (भाषा)



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