इमरान ने फिर दी परमाणु युद्ध की धमकी, कहा- कश्मीर पर किसी भी हद तक जाएंगे

Last Updated: सोमवार, 26 अगस्त 2019 (19:25 IST)
इस्लामाबाद। जम्मू-से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सरकार के फैसले से बौखलाया हुआ
है। जम्मू-कश्मीर को 2 भागों में बांटे जाने के भारत सरकार के फैसले के बाद पहली बार पाकिस्तान के
प्रधानमंत्री ने सोमवार की शाम करीब 6 बजे कश्मीर मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन
में उन्होंने भड़काऊ बातें कही।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि कश्मीर पर मुस्लिम देश हमारे साथ हैं। कश्मीर को आजाद कराने तक वे साथ हैं। इमरान ने एक बार फिर की धमकी देते हुए कहा कि
कश्मीर पर हम किसी भी हद तक जाएंगे। हमने कश्मीर मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण किया है। इमरान ने कहा
कि भारत ने हमें दिवालिया करने की कोशिश की है।

भारत को बनाना चाहते हैं हिन्दू राष्ट्र : इमरान ने कहा कि नरेन्द्र मोदी भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। आरएसएस को भारत के मुसलमानों से नफरत है। भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है। आरएसएस कहता है कि हिन्दुस्तान सिर्फ हिन्दुओं का है।
दोनों देशों के पास परमाणु बम हैं। परमाणु युद्ध हुआ तो कोई नहीं बचेगा। हम कश्मीर का मसला बातचीत से हल
करना चाहते हैं। इमरान ने कहा कि पीओके में ऑपरेशन कर सकता है भारत। पीओके में हम भारत से लड़ने के
लिए तैयार हैं।
इमरान ने कहा कि कश्मीर पर अब फैसले का वक्त आ गया है। कश्मीर पर भारत से बात की तो उसने आतंकवाद का आरोप लगा दिया। कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर भारत ने बहुत बड़ी गलती की है। भारत हम
पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाने का मौका ढूंढता रहता है।

इमरान ने कहा कि मैंने भारत से कहा था कि कश्मीर मामले का हल बातचीत से निकले, लेकिन हमें मुद्दे मिलते रहे। जब भी हम कश्मीर पर बात करना चाहते थे, वे आतंकवाद पर बोलते रहे। इसके बाद भारत में चुनाव आए और हमने उनके पाकिस्तान विरोधी अभियानों को देखा।
इमरान खान ने कहा कि हम कश्मीर मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में सफल रहे हैं। हमने विश्व के सभी
प्रमुख देशों से इस संबंध में बातचीत की है। यूनाइटेड नेशन में 1965 के बाद पहली बार कश्मीर मामले पर चर्चा
हुई। विदेशी मीडिया ने इस पर चर्चा की।

पड़ोसी से चाहते हैं अच्छे संबंध : इमरान खान ने कहा कि मैं यूएन की जनरल असेंबली में 27 सितंबर को कश्मीर मुद्दे पर चर्चा करूंगा। वैश्विक मंच पर कश्मीर मामले को उठाऊंगा। उन्होंने कहा कि जब मेरी सरकार आई तो मैंने दोनों देशों के बीच शांति
बनाए रखने की पहल ही। हम ऐसा देश बनाना चाहते थे, जहां जॉब हो। यही चुनौती भारत में भी थी। जलवायु
परिवर्तन भारत और पाकिस्तान दोनों को प्रभावित करते हैं। हम चाहते हैं कि हमारा संबंध हर पड़ोसी देश के साथ अच्छा हो।

इमरान ने कहा कि हमने भारत से कहा था कि आप एक कदम चलो, हम दूसरा कदम उठाने के लिए तैयार हैं। कश्मीर विवाद द्विपक्षीय है जिस पर बातचीत से ही मुद्दा सुलझाया जा सकता है। इमरान ने कहा कि जब भी
हम कश्मीर पर भारत के साथ बातचीत करना चाहते हैं, भारत आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर ध्यान खींचता रहा
है।
कश्मीर पर बड़ी गलती : इमरान खान ने कहा कि भारत FATF जैसी संस्थाओं से ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश कर रहा है। 5 अगस्त को कश्मीर पर लिया गया फैसला जवाहरलाल नेहरू के कश्मीरियों के साथ किए गए वादे से मुकर जाना है।
इमरान ने कहा कि कश्मीर पर नरेन्द्र मोदी ने बड़ी गलती कर दी है। यह कश्मीरियों के लिए आजादी लेने का
ऐतिहासिक अवसर है।

इमरान खान ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि हम दोनों के पास परमाणु हथियार हैं, अगर यह मामला युद्ध तक
जाता है तो विश्व भी प्रभावित होगा। अगर हमारे बीच लड़ाई होती है, तो इसके लिए विश्व भी जिम्मेदार है।

 

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