sundarkand

किसी भी कपड़े को फिटनेस ट्रैकर में बदल सकता है नया सेंसर

Updated: शुक्रवार, 14 जुलाई 2017 (19:44 IST)
बोस्टन। वैज्ञानिकों ने एक नया कोमल, खिंचाव वाले कपड़े पर आधारित सेंसर बनाया है जो किसी भी कपड़े को फिटबिट जैसे फिटनेस ट्रैकर में बदल सकता है। फिटनेस ट्रैकर दिल की धड़कन, तय की गई दूरी वगैरह बताते हैं।
 
अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने सिलिकॉन और कपड़े की मदद से एक बेहद संवेदनशील कोमल संधारित (कैपसिटर) सेंसर बनाया है जो मानव शरीर के साथ गतिशील हो जाता है और मुड़ता है, जिससे सहजता और सटीकता से किसी इंसान की शारीरिक गतिविधि का पता लगाता है।
 
हार्वर्ड में जॉन ए पॉलसन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड अप्लाइड साइंसेज (सीज) के प्रोफेसर कोनोर वाल्श ने कहा, ‘हम इस सेंसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं क्योंकि इसके निर्माण में कपड़े का इस्तेमाल करने के कारण यह इसे कपड़ों के साथ लगाकर ‘स्मार्ट’ रोबोटिक पोशाक बना देने के लिहाज से सहजता से उपुयक्त है।’ 
 
इस तकनीक में सिलिकॉन का एक मोटा पत्तर शामिल है जो सिल्वर प्लेटेड, सुचालक कपड़े की दो परतों के बीच फंसा है और इस तरह यह इसे एक कैपसिटर सेंसर बनाता है। यह अनुसंधान ‘एडवांस्ड मैटेरियल्स टेक्नोलॉजीज’ में प्रकाशित हुआ है। (भाषा)

Show comments

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

सभी देखें

केरल में ओणम पर शराब बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 8 दिनों में 771 करोड़ रुपए की बिक्री

Raksha Bandhan 2026 : बहनों के लिए फ्री बस सेवा, 1,200 रुपए तक प्रोत्साहन पाएंगे चालक-परिचालक

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव! योगी सरकार का APAAR ID पर फोकस, डिजिटल रिकॉर्ड से छात्रवृत्ति तक होंगे आसान

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

अगला लेख