biodatamaker

ब्रिक्स घोषणापत्र से चीन-पाक संबंधों में आ सकता है तनाव

Updated: मंगलवार, 5 सितम्बर 2017 (07:28 IST)
बीजिंग। एक चीनी विद्वान ने कहा कि ब्रिक्स घोषणापत्र में पाकिस्तान आधारित कुछ आतंकी समूहों के नाम शामिल करने से इस्लामाबाद ‘झल्ला सकता है’ और इससे चीन के साथ उसके संबंधों में तनाव आ सकता है।
 
‘चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपररी इंटरनेशनल रिलेशंस’ के निदेशक हू शिशेंग ने कहा कि चीनी राजनयिकों को आने वाले महीनों में पाकिस्तान के समक्ष बहुत सारे स्पष्टीकरण देने होंगे। उन्होंने कहा कि इस घोषणापत्र में हक्कानी नेटवर्क का नाम शामिल करना मेरी समझ से परे है।
 
हू ने कहा कि इस समूह का प्रमुख ही वास्तव में अफगान तालिबान का प्रमुख है। इससे अफगान राजनीतिक सुलह की प्रक्रिया में चीन की भूमिका और जटिल होगी। हम यह भी कह सकते हैं कि भविष्य में हमारी कोई भूमिका नहीं होगी।
 
ब्रिक्स घोषणापत्र में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के नाम शामिल किए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा, 'यह मेरी समझ से परे है कि चीन इस पर कैसे सहमत हो गया है। मुझे नहीं लगता कि यह अच्छा विचार है।' (भाषा)

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

LIVE: पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए सांसदों की बैठक

WhatsApp ने बिना चेतावनी हजारों अकाउंट किए ब्लॉक, Meta ने बताया क्यों हुई कार्रवाई

E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

बांकीपुर से प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने

Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

अगला लेख