आईएस के खिलाफ मोदी का समर्थन मांग सकते हैं ओबामा

barak obama
वॉशिंगटन| पुनः संशोधित बुधवार, 24 सितम्बर 2014 (22:36 IST)
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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सीरिया एवं इराक के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करने वाले चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ वैश्विक गठजोड़ बनाने के अपने प्रयास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सहयोग मांग सकते हैं।

अब तक के खिलाफ अमेरिका नीत वैश्विक गठजोड़ में 40 से अधिक देश शामिल हो चुके हैं। आईएस को ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवांत’ (आईएसआईएल) के नाम से भी जाना जाता है। अमेरिका और साझेदार देशों ने सोमवार को सीरिया में आईएस के खिलाफ हवाई हमले किए।

ओबामा तथा अमेरिका के दूसरे अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई सैन्य गठजोड़ नहीं है और अलग-अलग देश अपने ढंग से योगदान दे सकते हैं।

मोदी अपने अमेरिकी प्रवास के दौरान 29 सितंबर को एक निजी रात्रि भोज पर व्हाइट हाउस में ओबामा से मुलाकात करेंगे। इसकी अगली सुबह ओवल कार्यालय में दोनों नेता आधिकारिक मुलाकात करेंगे जहां आईएस का मुद्दा चर्चा के लिए ‘निश्चित तौर पर’ आ सकता है।

मोदी-ओबामा मुलाकात की तैयारियों से संबंधित अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि आईएस का मुद्दा दोनों नेताओं के बीच चर्चा में शामिल होगा। इस दौरान दोनों नेता पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी बातचीत कर सकते हैं।

ओबामा प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह कर सकते हैं कि वे आईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ में शामिल हों। व्हाइट हाउस ने अगले सप्ताह ओबामा और मोदी के बीच होने वाली चर्चा की विषयवस्तु बताने को लेकर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया है।

व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता कैटलीन हेडेन ने कहा, जैसे कि हमने कहा कि हम मानते हैं कि इसमें सभी देशों के लिए भूमिका है। इसके अलावा मैं इस दौरे की विषयवस्तु पर प्रकाश डालने की स्थिति में नहीं हूं। ओबामा ने कल न्यूयॉर्क में अरब के उन देशों के साथ बैठक की थी जिन्होंने आईएस के खिलाफ हवाई हमले में भाग लिया है। (भाषा)



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