किम जोंग की क्रूरता का एक और नमूना, कैदियों को पिलाते हैं इंसानी राख का पानी

Last Updated: शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020 (16:36 IST)
प्योंग यांग। उत्तर कोरिया के तानाशाह की क्रूरता के किस्से सारी दुनिया में जगजाहिर हैं। वे कभी अपने राजनीतिक प्रतिद्ंद्वियों को तोप से उड़वा देते हैं तो कभी छोटी सी गलती करने वाले अपने रिश्तेदारों को भूखे जंगली कुत्तों के सामने डलवा देते हैं।
हाल में उत्तर कोरिया की जेल से भागे एक कैदी ने खुलासा करते हुए बताया कि वहां विदेशी टीवी शो देखने के पर भयानक सजा दी जाती है और इन कैदियों को जेल में मृत अपने साथी कैदियों की राख से भरी नदी का पानी पीने पर मजबूर किया जाता था। उसने बताया कि वहां के चोंचरी कंस्ट्रेशन कैंप में कैदियों के साथ जानवरों से भी बदतर बर्ताव किया जाता है। इस कैदी का इंटरव्यू वॉशिंगटन स्थित समिति ने लिया है।
कैदी के नाम और पहचान को गुप्त रखा है। उसने बताया कि मृत कैदियों के शवों को जलाने से पहले एक गोदाम में रख देते थे, जहां चूहे और अन्य जीव उसे खाते भी थे। जेल को एकाग्रता शिवर का नाम दिया गया है और उसमें अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं।
हर सप्ताह यहां किसी न किसी कैदी की मौत होती है और उसे कैंप के अंदर बने शवदाहगृह में जला दिया जाता है। बाद में लाशों की राख को हम शवदाहगृह के बाहर ढेर लगाकर रख देते थे जिसका इस्तेमाल खेती में खाद के रूप में किया जाता था और जब भी बारिश होती थी तो शवों की राख बहकर पास की नदी से मिल जाती और हमें इसी नदी का पानी पीने और नहाने के लिए दिया जाता था।



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