अजीत डोभाल ने बताया, क्यों अफगानिस्तान की मदद कर रहा है भारत?

Last Updated: शुक्रवार, 27 मई 2022 (15:14 IST)
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दुशान्बे। के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने और आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने में की मदद करने और उसकी क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही काबुल का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और भविष्य में भी रहेगा।

डोभाल ने कहा कि आतंकवाद और आतंकवादी समूह क्षेत्रीय सुरक्षा तथा शांति के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए सभी देशों को इसका मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान की मदद करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों के साथ सदियों से भारत के विशेष संबंध रहे हैं और कैसी भी परिस्थितियां हों, भारत का दृष्टिकोण अफगानिस्तान को लेकर नहीं बदल सकता।

अफगानिस्तान पर चौथे क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद की बैठक में ताजिकिस्तान, रूस, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, किर्गिजस्तान और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भी हिस्सा लिया।
डोभाल ने यहां अपने क्षेत्रीय समकक्षों के साथ युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा करते हुए जोर देकर कहा कि भारत अफगानिस्तान का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और भविष्य में भी रहेगा।

NSA ने कहा कि आतंकवाद और आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान की क्षमता बढ़ाने में, क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद में मौजूद सभी देशों के सहयोग की आवश्यकता है। सबसे पहली प्राथमिकता अफगानिस्तान में सभी लोगों के जीवन के अधिकार की रक्षा और सम्मानजनक जीवन के साथ-साथ उनके मानवाधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति करने की कुल प्रतिबद्धता में से 17,000 मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान को उपलब्ध करा चुका है। इसके अलावा भारत ने कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन की पांच लाख खुराक, 13 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं और सर्दियों के कपड़ों के साथ-साथ पोलियो टीके की छह करोड़ खुराक अफगानिस्तान को प्रदान की है।




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