भारतीयों के योगदान पर किताबों का विमोचन

मेलबोर्न| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 7 जुलाई 2014 (19:15 IST)
मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के योगदान पर आधारित किताबों के 4 खंडों का विमोचन किया गया है, जिनमें देश में बड़ी संख्या में भारतीयों के आगमन और देश में उनके ऐतिहासिक योगदान की चर्चा की गई है।

‘क्या भारतीय जातीय अल्पसंख्यक हैं..?’ विषय की पड़ताल करती इन किताबों को ऑस्ट्रेलिया में भारतीय महावाणिज्य दूतावास में बिरेन नंदा ने विमोचित किया।

‘द इंट्रोडक्ट्री वॉल्यूम’, ‘कैमल्स एंड ट्रेलब्लेजर्स’, ‘हॉर्सेस एंड वेलर्स’ और ‘हॉकर्स एंड पिक्टोरियल हिस्ट्री’ शीर्षक से दो ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकारों लेन केन्न और क्रिस्टल जॉर्डन ने ये किताबें लिखी हैं।
सप्ताहांत में किताब का विमोचन करते हुए नंदा ने कहा क‍ि किताबों की ये संस्करण भारतीय समाज के लिए समृद्धि का जरिया बनेंगे।

पुस्तक विमोचन के मौके पर केन्न ने कहा क‍ि ये किताबें प्रभावी रूप से इस बात पर चर्चा करती हैं कि भारतीय सिर्फ जातीय अल्पसंख्यक नहीं हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीयों का भी बराबर का योगदान है। ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से ही भारतीय आते रहे हैं।
उन्होंने कहा क‍ि ये किताबें ऑस्ट्रेलिया को एक राष्ट्र के रूप में व्यवस्थित करने में भारतीयों समुदाय के योगदान की भूमिका को जानने का एक प्रयास हैं। केन ने कहा कि यह किताब पिछले 5 दशक की अथक प्रयास का नतीजा है। (भाषा)



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