'ला नीना' से आई ऑस्ट्रेलिया में विनाशकारी बाढ़

- संदीप सिसोदिया

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प्रांत में आई भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ ने लोकेयर घाटी को पूरी तरह से चपेट में ले लिया, इसकी वजह से कई पेड़ भी उखड़ गए हैं। इस बाढ़ को पिछले सौ सालों के दौरान आई सर्वाधिक भीषण बाढ़ करार दिया जा रहा है।

शहर के मेयर लार्ड कैम्बेल न्यूमैन ने कहा कि ब्रिसबेन नदी के तट टूट दिए जाने के कारण बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई है और शहर के 6500 घरों को नुकसान होने की आशंका है।

बाढ़ के पानी के तेजी से शहर की ओर बढ़ने का भयावह चित्रण करते हुए उन्होंने कहा कि इस बाढ़ से स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, अगर पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले 2-3 दिन विनाशकारी हो सकते हैं।

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WD| Last Updated: बुधवार, 12 जनवरी 2011 (12:03 IST)
ऑस्ट्रेलिया में लोग एक बेहद विनाशकारी आपदा से जूझ रहे हैं। से 125 किलोमीटर दूर तुवुम्बा घाटी में सुनामी के समान भीषण वेग से आ रही पानी की विनाशकारी लहरों से नागरिको को बचाने के ऑस्ट्रेलिया सरकार हरसंभव प्रयास में जुटी है।
हालत यह है कि ब्रिसबेन के लोग कारों, बसों और ट्रेनों में सवार होकर भाग रहे हैं, इसके बावजूद इस बाढ़ की चपेट में आकर चार बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो गई है और 90 लोग लापता हैं, जिनकी खोज में सैन्य हेलिकॉप्टर की सहायता ली जा रही है।
इस विनाशकारी बाढ़ की वजह 'ला नीना' को बताया जा रहा है। 'अलनीनो' के उलट 'ला नीना' ऐसी मौसमी परिस्थिति है, जो प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग से समुद्र के सतह पर पानी के तापमान कम होने की वजह से बनती है। अल-नीनो प्रभाव से मौसम जहाँ गर्म होता है, वहीं ला नीना मौसम को ठंडा कर देता है। इस ला नीना को 50 वर्षों में आया अब तक का सबसे ताकतवर ला नीना माना जा रहा है।

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