Business Tycoon से भी बढ़कर है रतन टाटा, जानिए 11 इमोशनल किस्‍से

Last Updated: सोमवार, 27 दिसंबर 2021 (18:32 IST)
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रतन टाटा बेहद शां‍त स्‍वभाव के व्‍यक्ति है। वे थोड़े शर्मिले मिजाज के भी हैं। रतन टाटा वैसे किसी परिचय के मोहताज नहीं है। एक बिजनेस

टायकून होने के साथ ही अपने बेहद शांत-स्‍वभाव के लिए भी चर्चा में बने रहते हैं। उनके पास अरबों की संपत्ति है लेकिन वह आम इंसान की
तरह जमीन से जुड़े रहकर कार्य करते हैं। 28 दिसंबर को रतन टाटा का जन्‍मदिन रहता है। आइए जानते हैं उनके जन्‍मदिन पर 11 ऐसे किस्‍से
जिसे पढ़ने के बाद आपका दिल भी पिघल जाएगा।

1. ऑनलाइन नफरत बंद करों - जी हां, रतन टाटा ने अपने इंस्‍टा हैंडल पर एक पोस्‍ट शेयर की थी। जिस पर फैंस का बहुत सारा प्‍यार मिला।लेकिन एक कमेंट था जिस पर रतन टाटा ने अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए उस नफरत को उसी वक्‍त खत्‍म कर दिया। दरअसल, रतन टाटा ने एक फोटो

अपलोड किया था जिस पर एक महिला ने कमेंट किया 'छोटू'। इसके बाद यूजर्स महिला पर भड़क गया। तब रतन
टाटा ने कहा,'हम सभी में एक
छोटा बच्‍चा होता है कृपा कर महिला से सम्‍मान से बात करें।

2.कोविड-19 में मदद के लिए हाथ बढ़ाया - कोविड-19 के शुरूआत में इस महामारी से निपटने के लिए रतन टाटा ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया
था। उन्‍होंने 500 करोड़ का फंड हेल्‍थ केयर वर्कस के लिए निकाला था। ताकि जरूरीमंत सामानों की पूर्ति की जा सकें।

3.जब रतन टाटा ने की अपील - रतन टाटा को कुत्‍तों से बेहद प्‍यार है। उन्‍होंने कुत्‍तों के लिए टाटा ग्रुप के ग्‍लोबल हेडक्‍वार्टर में एक लग्‍जरीहाउस बनवाया है। सोशल मीडिया पर ताज होटल के कर्मचारी की फोटो को सोशल मीडिया पर रतन टाटा ने शेयर किया और लिखा‘‘इस मानसून
में आवारा कुत्तों के साथ राहत के पल साझा करना। ताज का यह कर्मचारी इतना दयालु था कि उसने कुत्ते के साथ अपना छाता साझा किया,जबकि भारी बारिश हो रही थी। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल को छू लेने वाला पल।’’ वे सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील करते हैंकि अरग उन्‍हें कोई भी कुत्‍ता बुरी हालात में दिखता है तो उसकी मदद करें।

4.कोरोना काल का वक्‍त बेहद खतरनाक रहा। लेकिन फिर भी रतन टाटा कंपनी के एम्‍प्‍लोयी से मिलने मुंबई से पुणे मिलने गए। करीब 2 साल
से वह कर्मचारी बीमारी था। यह किस्‍सा 5जी जनवरी 2021 का है।



5.अप्रैल 2020 में रतन टाटा के नाम से एक मीसलीडिंग जानकारी देशभर में वायरल हो गई थी। इसके बाद उन्‍होंने बेहद प्‍यार और सरल भाषामें कहा कि आर्टिकल में कुछ भी गलत नहीं है लेकिन आर्टिकल में दिए गए फैक्‍ट की जांच की आवश्‍यकता है। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा था।

6. साल 2012 में रतन टाटा ने कुपोषण का शिकार हो रहे बच्‍चों की काफी मदद की थी। उनका कहना था कि कुपोषित हमारे देश के बच्‍चों
को कितना प्रभावित करता है। अपने सटीक शब्दों में, उन्होंने कहा, ''मेरा सबसे दृश्यमान लक्ष्य भारत में बच्चों और गर्भवती माताओं के लिएपोषण में कुछ करना है। क्योंकि इससे आने वाले वर्षों में हमारी आबादी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में बदलाव आएगा।"




7. पढ़ाई में आर्थिक सहायता - रतन टाटा की ओर से कई छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है। रतन टाटा स्‍कॉलरशिप से टाटा स्‍कॉलरशिप तकविभिन्‍न तरह से छात्रवृत्ति का लाभ ले सकते हैं।

8.जब टाटा ने इकोनॉमी क्‍लास चुना - रतन टाटा जनहितैषी हैं किसी भी कार्य को करने के पीछे उनका अलग ही मकसद होता है। इतना ही नहीं
वे 2016 में उनका फोटो इंटरनेट पर वायरल हुआ था। हालांकि वह पिक्‍चर गोवा 2014 का था जब उन्‍होंने वह आम इंसान के साथ बैठकरइकॉनामी क्‍लास में गोवा का सफर किया।

9.26/11 की घटना आज भी स्‍मृति पटेल पर उभरती है तो रूह कांप जाती है। उस दौरान रतन टाटा ने करीब 80 प्रभावित कर्मचारियों के
परिवारों से व्‍यक्तिगत मिलें। उन्‍हें मुआवजा भी दिया और बच्‍चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाया। इतना ही नहीं रतन टाटा ने उनके परिवार औरआश्रितों को उनके शेष जीवन के लिए कई सारी सुविधाएं प्रदान की।

10. अपने ड्राइवर के साथ बैठते हैं - जी हां, बड़े लोगों की खासियत होती है कि वे ड्राइवर के साथ नहीं बैठते हैं लेकिन रतन टाटा अपने ड्राइवर
के साथ बैठते हैं। इतना ही नहीं कई बार वे खुद भी गाड़ी चलाते हैं और राइड का आनंद लेते हैं।

11.जब अपनी ही कंपनी में किया काम - रतन टाटा ने अपनी ही कंपनी में ब्‍लू कॉलर कर्मचारी के रूप में काम किया। 1971 में टाटा स्‍टील,जमशेदपुर में ब्‍लू कॉलर कर्मचारी के रूप में अपने काम की शुरूआत की। इससे पहले उनके पास में न्‍यूयॉर्क से आईबीएम कपंनी का ऑफर भी था।
लेकिन उन्‍होंने अपनी कंपनी में काम करना पसंद किया।





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