MPPSC: छात्र आंदोलन का असर, अब परीक्षार्थी भी देख सकेंगे उत्तर पुस्तिका, 5 साल पहले लगी रोक हटेगी
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने पिछले 5 वर्षों से उत्तर पुस्तिकाओं को दिखाने पर लगाई गई रोक को हटाने का निर्णय लिया है। विगत वर्षों और 2023 में अभ्यर्थियों द्वारा किए गए विशाल आंदोलनों में उत्तर पुस्तिकाएं दिखाए जाने की मांग सर्वप्रमुख रही थी। आयोग अब राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2019 से लेकर 2024 तक की उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को दिखाएगा।
यह नई व्यवस्था इसी वर्ष नवंबर माह से लागू कर दी जाएगी। छात्रों की लंबे समय से चल रही इस मांग को आखिरकार आयोग ने स्वीकार कर लिया है। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के छात्र नेता रणजीत किसानवंशी ने कहा कि यह निर्णय छात्रों की जीत है। छात्र लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। छात्र आंदोलनों में भी यह मुद्दा हमने हमेशा प्रमुखता से उठाया है।
अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण परीक्षाओं के परिणाम दो अलग भागों में घोषित किए जा रहे हैं। इसी कारण फिलहाल मुख्य भाग में शामिल 87 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने का अवसर प्राप्त होगा। वहीं दूसरी ओर प्रोविजनल भाग में रोके गए शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को अपनी कॉपियां देखने के लिए न्यायालय के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करनी होगी। इसके अतिरिक्त आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगस्त में प्रस्तावित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 और सितंबर में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाएं भी अभ्यर्थियों को दिखाई जाएंगी।
उत्तर पुस्तिकाओं को देखने की संपूर्ण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा। वर्ष 2019 से 2024 तक की मुख्य परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। इस प्रक्रिया का शुभारंभ नवंबर माह में 2019 के अभ्यर्थियों के साथ किया जाएगा, जिसके पश्चात प्रति माह एक या दो मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी।
आवेदक अभ्यर्थियों को आयोग के इंदौर स्थित रेसीडेंसी मुख्यालय पर आमंत्रित किया जाएगा। वहां मुख्य हॉल में स्थापित किए गए कंप्यूटर सिस्टम्स के माध्यम से प्रत्येक घंटे 25 से 30 अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। अभ्यर्थी अपने द्वारा किए गए आवेदन के अनुसार एक से लेकर सभी 6 प्रश्न पत्रों की कॉपियां देख सकेंगे। प्रत्येक अभ्यर्थी को स्क्रीन पर उत्तर पुस्तिका का अवलोकन करने के लिए दो से चार मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।
यह नई व्यवस्था इसी वर्ष नवंबर माह से लागू कर दी जाएगी। छात्रों की लंबे समय से चल रही इस मांग को आखिरकार आयोग ने स्वीकार कर लिया है। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के छात्र नेता रणजीत किसानवंशी ने कहा कि यह निर्णय छात्रों की जीत है। छात्र लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। छात्र आंदोलनों में भी यह मुद्दा हमने हमेशा प्रमुखता से उठाया है।
अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण परीक्षाओं के परिणाम दो अलग भागों में घोषित किए जा रहे हैं। इसी कारण फिलहाल मुख्य भाग में शामिल 87 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने का अवसर प्राप्त होगा। वहीं दूसरी ओर प्रोविजनल भाग में रोके गए शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को अपनी कॉपियां देखने के लिए न्यायालय के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करनी होगी। इसके अतिरिक्त आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगस्त में प्रस्तावित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 और सितंबर में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाएं भी अभ्यर्थियों को दिखाई जाएंगी।
आवेदक अभ्यर्थियों को आयोग के इंदौर स्थित रेसीडेंसी मुख्यालय पर आमंत्रित किया जाएगा। वहां मुख्य हॉल में स्थापित किए गए कंप्यूटर सिस्टम्स के माध्यम से प्रत्येक घंटे 25 से 30 अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। अभ्यर्थी अपने द्वारा किए गए आवेदन के अनुसार एक से लेकर सभी 6 प्रश्न पत्रों की कॉपियां देख सकेंगे। प्रत्येक अभ्यर्थी को स्क्रीन पर उत्तर पुस्तिका का अवलोकन करने के लिए दो से चार मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।

