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'जगन्नाथ का रथ' तभी आगे बढ़ेगा, जब सबका हाथ लगेगा, इंदौर में RSS का चरैवेति एकत्रीकरण संपन्न

सह सरकार्यवाह अतुल लिमये बोले- समाज के आचरण में बदलाव लाना हमारा लक्ष्य

Updated: बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 (22:54 IST)
(सभी फोटो : धर्मेंद्र सांगले)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इंदौर विभाग का चरैवेति एकत्रीकरण बुधवार शाम को संपन्न हुआ। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर आयोजित इस एकत्रीकरण में सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने इंदौर विभाग के पांच जिलों से आए स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज संगठन और परिवर्तन के कठिन, परंतु श्रमसाध्य कार्य को वीरव्रत से विजयी सिद्ध करना है। समाज की चुनौतियों और समस्याओं के समाधान के लिए समाज की सज्जन शक्ति के साथ कार्य करने की शैली विकसित करना है। उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम की विजय यात्रा है। संघ ने इस दौरान व्यक्ति निर्माण की अनूठी शाखा पद्धति विकसित की है, जिसके माध्यम से देश और समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की एक लंबी श्रृंखला तैयार हुई है।
 

संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के परिश्रम का परिणाम

 
अतुल लिमये ने कहा कि शाखा के माध्यम से ऐसे स्वयंसेवकों का निर्माण हुआ है, जो अपना जीवन देश और समाज के लिए समर्पित करते हैं। इसके साथ ही आदर्श सामाजिक जीवन जीने वाले व्रती परिवारों की भी लंबी श्रृंखला तैयार हुई है। संघ ने संगठनात्मक विस्तार के साथ समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विभिन्न रचनाओं और गतिविधियों को विकसित किया है।
 
उन्होंने बताया कि सेवा विभाग समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का कार्य करता है, जबकि प्रचार विभाग राष्ट्रीय विचारों के प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों से सक्रिय है। जागरण पत्रिकाओं और राष्ट्रीय विचारों को गांवों तक पहुंचाने के लिए विश्व संवाद केंद्र काम कर रहे हैं। वहीं, संपर्क विभाग समाज की सज्जन शक्ति को राष्ट्रीय कार्यों से जोड़ने का प्रयास करता है। समाज की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए छह विषयों पर आधारित गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।

पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में बदलाव का आह्वान

 
सह सरकार्यवाह ने कहा कि स्वयंसेवक समाज के आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। संघ की कार्यशैली में सामूहिकता, अनुशासन और व्यक्ति निरपेक्षता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के बाद संतुष्ट होकर रुकने के बजाय कार्यकर्ताओं को निरंतर बेहतर कार्य करने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
 
उन्होंने जोर दिया कि संगठन की पहुंच समाज के शत-प्रतिशत लोगों तक बनाने के साथ कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। केवल स्वयंसेवकों का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समानांतर प्रयास और व्यवस्थाएं भी विकसित करनी होंगी। लिमये ने कहा कि समाज में ऐसा वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जिसमें लोगों का मन देश और समाज के अनुकूल कार्य करने के लिए प्रेरित हो। समाज में आस्था, आत्मीयता और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने के साथ व्यवहार में भी बदलाव आना चाहिए। समाज के किसी भी वर्ग के साथ विषमता का व्यवहार नहीं होना चाहिए। पंच परिवर्तन का संकल्प इसी दिशा में सकारात्मक आचरण को बढ़ावा देने का माध्यम है।

सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के बीच समन्वय पर जोर

 
अतुल लिमये ने कहा कि देश और समाज के सामने मौजूद समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए शासन और समाज, दोनों को मिलकर काम करना होगा। इसके लिए सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काम करने वाली 10 लाख से अधिक संस्थाओं के बीच संवाद और समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की क्षमता और कार्यकुशलता के अनुरूप उन्हें जिम्मेदारी देने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और कार्यशैली विकसित करने पर ध्यान देना होगा। संपूर्ण समाज को साथ लेकर चलने का स्वभाव विकसित करना जरूरी है। उन्होंने व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन के लिए भारतीय जीवन मूल्यों और धर्म आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा समाज में संस्कार देने वाली व्यवस्थाएं खड़ी करने पर भी जोर दिया।
 
उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के साथ समाज में जागरण, संपर्क और समस्याओं के समाधान से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करना होगा। संघ का कार्य कठिन और परिश्रमसाध्य है, लेकिन स्वयंसेवकों ने इसके लिए वीर व्रत धारण किया है। उपेक्षा, विरोध, उत्साह और सहयोग जैसी विभिन्न परिस्थितियों के बीच भी अपने कार्य को प्रभावी बनाते हुए आगे बढ़ना है।

ध्वजारोहण और योग प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम

चरैवेति एकत्रीकरण का शुभारंभ ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष के दौरान इंदौर विभाग में आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ और मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि प्रशांत शाह ने राष्ट्र निर्माण में संघ के अनुशासन और देशभक्ति के महत्व को रेखांकित किया। इस आयोजन में इंदौर विभाग के पांच जिलों से आए स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश संगठनात्मक विस्तार के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का रहा।

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