तेज हुआ आंदोलन, उज्जैन, देवास, धार से भी जुटे छात्र, चरम पर आक्रोश, कहा- कुछ भी कर लो, नहीं झुकेंगे
- छात्र आंदोलन को आम लोगों का मिलने लगा साथ
- प्रदर्शन में तेज हुई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
- अब इंदौर के साथ उज्जैन, देवास और धार से भी जुटे छात्र
- आम और अज्ञात लोग कर रहे छात्रों के खाने-पीने की व्यवस्था
बुधवार को वकीलों के एक संगठन ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। वहीं कुछ बुजुर्ग भी वहां पहुंचे और विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। धरनास्थल पर एकत्र हुए छात्रों ने कहा कि कुछ भी हो जाए, वे तब तक नहीं झुकेंगे जब तक शिक्षामंत्री का इस्तीफा नहीं हो जाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो जाता।
दिल्ली में देखी पुलिस की बर्बरता : बता दें कि इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर पिछले 23 दिनों से हजारों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इनमें से कई स्टूडेंट दिल्ली प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए भी गए हैं। कुछ ने वहां से लौटकर वहां स्टूडेंट के साथ हुई ज्यादती के बारे में भी बताया। छात्र पवन अहिरवार ने बताया कि दिल्ली में पुलिस ने स्टूडेंट के साथ मारपीट की। गलत तरह से बर्ताव किया। उन्होंने बताया कि मैंने कभी ऐसा नहीं देखा कि पुलिस ने किसी स्टूडेंट के साथ इस कदर बर्बरता के साथ बर्ताव किया हो।
इस्तीफे के साथ खत्म होगा आंदोलन : अरूण बडोले ने बताया कि हम पिछले करीब 20 दिनों से इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर हजारों स्टूडेंट के साथ यहां बैठे हैं। मर जाएंगे पर यहां से उठेंगे नहीं। अब तो हमें आम लोगों का भी साथ मिलने लगा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही यह आंदोलन खत्म होगा।
दोस्त के सपोर्ट में पहुंचे कई छात्र : पायल करोले ने बताया कि अपनी दोस्त के सपोर्ट में यहां आई हैं। कई स्टूडेंट भूखे हैं, प्यासे हैं। लेकिन लोग पानी और केले लेकर आ रहे हैं। लेकिन बेरहम सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है। अहंकारी सरकार छात्रों की नहीं सुन रही है। दिल्ली में स्टूडेंट के ऊपर लाठियां बरसाई जा रही हैं। मैं अपने दोस्त के लिए यहां आई हूं, ऐसे कई लोग हैं जो अपने दोस्तों के सपोर्ट में यहां पहुंचे हैं। विकास पचाया ने बताया कि वे तो ऑटो चलाते हैं, लेकिन उनकी पत्नी पढ़ाई करती है, उनके लिए वे आंदोलन में शामिल हुए हैं।
वकीलों के संगठन ने किया समर्थन : स्टूडेंट में जबरदस्त उत्साह है। छात्रों का कहना है कि हम मर जाएंगे, लेकिन यहां से तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती। जो स्टूडेंट नीट के नहीं हैं, वे भी यहां नजर आ रहे हैं। कई बच्चों के परिजन भी यहां उनका हौंसला बढ़ाने के लिए कई दिनों से उनके साथ ब्रिज के नीचे बैठे हैं। बुधवार को वकीलों का एक संगठन यहां पहुंचा और आंदोलन का समर्थन किया।
कुछ भी हो जाए, झुकेंगे नहीं : बता दें कि छात्रों की आवाज में गुस्सा है, आंखों में भविष्य को लेकर फिक्र। वे अपने कॅरियर के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि उनके और उनके मां-बाप के सपने पूरे हों, जो लाखों रुपए उनके परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग में फूंके कम से कम उनकी भरपाई हो सकें, लेकिन देश की भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ उनके चेहरे पर बेबसी साफ नजर आती है। वे नारे लगा रहे हैं, रो रहे हैं, चीख रहे हैं, लेकिन उनकी चीख से जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उनका कहना है कि कुछ भी हो जाए, किसी भी हालत में झुकेंगे नहीं।
दिल्ली में पुलिस की बेदर्दी से दुखी स्टूडेंट : स्टूडेंट ने बताया कि शांति से प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट पर सरकार उलटा लाठियां भांज रही है, कई बच्चे और यहां तक कि लड़कियां घायल हुएं हैं। स्टूडेंट खून से सने हैं, इस बेरहमी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हैं। बच्चे चीख चीखकर अपनी बात कह रहे हैं, अपने अधिकारों की रक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस उनके साथ हिंसा कर रही है। स्टूडेंट ने बताया कि पुलिस मारपीट कर रही है। अगर उनकी सरकार ही उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे कहां जाएंगे।
सोनम वांगचुक को हमारा समर्थन : बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। इसकी गूंज अब मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सुनाई देने लगी है। भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। इनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय कलाकार और आम नागरिक भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग के साथ देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में धरने पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को अपना पूरा समर्थन दिया है। छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
